केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने राष्ट्रीय सहकारी प्रशिक्षण ढांचे (NCTF) का शुभारंभ किया। इसे देशभर में सहकारी शिक्षा, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। NCTF पर आयोजित अंतिम राष्ट्रीय स्तर के परामर्श में गुर्जर ने कहा कि इस ढांचे की सफलता का आकलन जमीनी स्तर की सहकारी संस्थाओं और उनके सदस्यों पर पड़ने वाले प्रभाव से किया जाएगा। उन्होंने सहकारी सदस्यों, निर्वाचित बोर्ड प्रतिनिधियों और कर्मचारियों के लिए भूमिका-आधारित प्रशिक्षण व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया। साथ ही बहुभाषी और AI-सक्षम शिक्षण समाधान को बढ़ावा देने की बात कही।
उन्होंने स्थानीय प्रशिक्षक नेटवर्क मजबूत करने, मौजूदा प्रशिक्षण अवसंरचना का बेहतर उपयोग करने और क्षेत्रीय जरूरतों के अनुरूप व्यवस्था विकसित करने पर भी बल दिया। उनका कहना था कि भाषा, भौगोलिक दूरी, लैंगिक और डिजिटल बाधाएं प्रशिक्षण तक पहुंच में रुकावट नहीं बननी चाहिए। मजबूत PACS को उन्होंने सहकारी आंदोलन की बुनियाद बताया।
सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष भूटानी ने मानकीकृत पाठ्यक्रम, प्रशिक्षण पद्धति और प्रमाणन प्रणाली विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने करीब 8.5 लाख सहकारी संस्थाओं से जुड़े हितधारकों की क्षमता बढ़ाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और AI के उपयोग की बात कही। परामर्श में त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय ने प्रमुख सुझाव पेश किए। बैठक में प्रशिक्षण प्राथमिकताओं, संस्थागत जिम्मेदारियों और NCTF के कार्यान्वयन रोडमैप पर विस्तृत चर्चा हुई।


