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FIH महिला हॉकी विश्व कप क्वॉलिफायर्स में खेलने का मौका मिला तो मुझे सिर्फ जीत कर लौटना होगा :साक्षी राणा

भारतीय महिला हॉकी टीम की 18 वर्षीय मिडफील्डर साक्षी राणा बेंगलुरु के राष्ट्रीय शिविर में आगामी FIH महिला हॉकी विश्व कप 2026 क्वालीफायर्स के लिए कड़ी मेहनत कर रही हैं। साक्षी, जिन्होंने प्रीतम सिवाच एकेडमी से हॉकी के गुण सीखे हैं, 'हीरो महिला एचआईएल' के अनुभव और वरिष्ठ खिलाड़ियों की प्रेरणा से खुद को अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों के लिए तैयार कर रही हैं।

Published: 17:36pm, 23 Feb 2026

चीफ कोच शुएर्ड मराइन और साइंटिफिक एडवाइजर वेन लोम्बार्ड के मार्गदर्शन में भारतीय महिला हॉकी टीम बेंगलुरू में सीनियर राष्ट्रीय हॉकी शिविर में शिद्दत से अभ्यास में जुटी है। भारतीय महिला हॉकी टीम का फोकस शिविर में रणनीतिक अनुशासन और अपना हॉकी कौशल बेहतर करने पर लगा है।

स्पेन के खिलाफ बीते बरस गोल कर भारत की सीनियर टीम के लिए अपने अंतरराष्ट्रीय हॉकी करियर का आगाज करने वाली 18 वर्ष की मिडफील्डर साक्षी राणा शिविर में मिले मौके का इस्तेमाल अपनी सीनियर साथी के अनुभव से सीखने और अपना खेल बेहतर करने पर कर रही हैं। साक्षी राणा ने हॉकी का ककहरा भारत की पूर्व हॉकी कप्तान प्रीतम सिवाच की दिल्ली से सटी प्रीतम सिवाच हॉकी एकेडमी में कोच कुलदीप और प्रीतम सिवाच के मार्गदर्शन में सीखा। साक्षी ने प्रीतम सिवाच एकेडमी में ही बतौर मिडफील्डर तेज और आक्रामक शैली की हॉकी खेलने के लिए खुद को ढाला।

चीफ कोच हरेन्द्र सिंह के इस्तीफा देने के बाद भारतीय महिला हॉकी टीम के चीफ कोच के रूप में अपनी दूसरी पारी में शुएर्ड मराइन का अगला बड़ा इम्तिहान अगले महीने 8 से 14 मार्च तक हैदराबाद, तेलंगाना में होने वाले महिला एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 क्वालीफायर्स में होगा। भारत महिला एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 क्वालीफायर्स, हैदराबाद, तेलंगाना में अपना अभियान 8 मार्च को उरुग्वे के खिलाफ शुरू करने के बाद 9 मार्च को स्कॉटलैंड और फिर अपना आखिरी मैच 11 मार्च को वेल्स के साथ खेलेगा।

साक्षी का खेल हाल ही में हीरो महिला हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) में खेलने से उनकी तैयारियां बेहतर हुई हैं। एचआईएल में अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ियों के साथ खेलने के मौके से बड़े दबाव वाले मैचों को बेहतर ढंग से समझने का मौका मिला है। साक्षी कहती हैं, ‘हीरो महिला एचआईएल में खेलने से मेरा आपसी संवाद के लिहाज से आत्मविश्वास बढ़ा है। एचआईएल में नीदरलैंड की यिबी येनसन जैसी खिलाड़ियों को खेलते देखने से मुझे यह समझने में मदद मिली की मैदान पर कैसे खेलना है।’

इस समय साक्षी का ध्यान शिविर में अगले महीने हैदराबाद, तेलंगाना में होने वाले एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 क्वालीफायर्स के लिए हर मुमकिन जानकारी हासिल करने पर है। साक्षी अपना ध्यान नेहा गोयल जैसी अपनी सीनियर साथी से प्रेरणा लेते हुए कड़ी मेहनत करने पर लगा रही हैं, जिससे कि मौका मिलने पर वह पूरी तरह तैयार रहें।

साक्षी कहती हैं, ‘मैं हर दिन अपना सर्वश्रेष्ठ करने के संकल्प से ही उतरती हूं। यदि मुझे एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप क्वालीफायर्स में खेलने का मौका मिलता है, तो वहां से मुझे सिर्फ जीत कर लौटना होगा। हमें अभी हर दिन कड़ी मेहनत करनी होगी और कोच ने हमारे लिए जो भी योजना बनाई है, उसे लागू करना होगा।’

साक्षी ने सीनियर राष्ट्रीय हॉकी शिविर की बाबत कहा, ‘हमारी जो भी खामियां हैं, उन्हें दूर करने के लिए शिविर में हम सभी से मेहनत कराई जा रही है। शिविर में माहौल बहुत बढ़िया है। वेन सर शिविर में हमें यह बता रहे हैं कि हमें कितनी ताकत और फिटनेस की जरूरत है। वह साथ ही हमें रिकवरी की अहमियत भी बता रहे हैं। जहां तक स्ट्रक्चर का सवाल है, वे हमें सभी चीजें धीरे-धीरे साफ तौर पर बता रहे हैं। हमारी सीनियर साथी खिलाड़ी हम सभी जूनियर खिलाड़ियों को अपना सर्वश्रेष्ठ करने को बराबर प्रेरित कर रही हैं। हमारी टीम बैठक में कोच ने मुझे मेरा आक्रामक हॉकी खेल जारी रखने को कहा। मैं चूंकि बतौर आक्रामक मिडफील्डर मैदान में बीच में खेलती हूं, इसीलिए कोच ने मुझे प्रतिद्वंद्वी के हमले को भांपने और उसी के मुताबिक साथी खिलाड़ी की ओर गेंद बढ़ाने के लिए उनसे बेहतर संवाद करने को कहा है। टीम बैठक में हमारा फोकस स्ट्रक्चर बनाए रखने और प्रतिद्वंद्वी को डॉज देने की बजाय गेंद को तब तक अपनी साथी खिलाड़ी की ओर बढ़ाने की बाबत रहता है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय हॉकी में दबाव बहुत जल्दी आता है।’

YuvaSahakar Desk