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दुग्ध नेटवर्क से जुड़ेंगे MP के 50% गांव, किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

CM मोहन यादव ने कहा कि यह योजना छोटे और सीमांत किसानों के लिए विशेष रूप से लाभकारी होगी, क्योंकि यह उन्हें बाजार तक आसान पहुंच और बेहतर आय प्रदान करेगी। सांची ब्रांड के तहत दुग्ध उत्पादों की मांग बढ़ाने और डिजिटल प्रणाली से पारदर्शिता सुनिश्चित करने के प्रयास भी जारी हैं।

Published: 11:00am, 11 Jul 2025

मध्य प्रदेश सरकार ने दुग्ध उत्पादन और पशुपालन के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम उठाते हुए प्रदेश के 50 प्रतिशत गांवों को दुग्ध नेटवर्क से जोड़ने की महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग की समीक्षा बैठक में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार दुग्ध उत्पादन को बढ़ाकर किसानों और पशुपालकों की आर्थिक उन्नति के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 381 नई दुग्ध सहकारी समितियों का गठन किया जा चुका है, जिनके माध्यम से 9500 दुग्ध उत्पादकों को सहकारी डेयरी प्रणाली से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादन को संस्थागत स्वरूप देकर किसानों को उचित मूल्य और समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि दुग्ध संग्रहण को बढ़ाने, दुधारू पशुओं की नस्ल सुधार, सांची ब्रांड की लोकप्रियता को और मजबूत करने, तथा भोपाल दुग्ध संघ के अंतर्गत हीफर रियरिंग सेंटर की स्थापना जैसी योजनाओं पर प्राथमिकता से कार्य हो। साथ ही राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के सहयोग से देशी नस्ल के पशुओं के लिए मॉडल फार्म विकसित करने की दिशा में तेजी लाई जाए।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि दुग्ध उत्पादक किसानों को उनके द्वारा बेचे गए दूध की कीमत का समय पर और पारदर्शी भुगतान सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए डिजीटलीकरण की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश के दुग्ध संघों में दूध की खरीद दरों में प्रति लीटर ₹2.50 से ₹6 तक की वृद्धि की गई है, जिससे किसानों की आमदनी में सीधा लाभ हुआ है। जबलपुर और ग्वालियर दुग्ध संघों में दुग्ध संग्रहण में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। दोनों संघों को ₹2-2 करोड़ की कार्यशील पूंजी भी दी गई है ताकि लंबित भुगतान शीघ्र किया जा सके।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भरोसा जताया कि इन प्रयासों से ना सिर्फ दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होगी बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

YuvaSahakar Desk