आईसीएआर-कृषि विज्ञान केंद्र, गोवा ने आईसीएआर-केंद्रीय तटीय कृषि अनुसंधान संस्थान के तहत पेरनेम के इब्रामपुर गांव में खेत बचाओ अभियान सह क्षेत्र दिवस आयोजित किया। कार्यक्रम का मुख्य फोकस डेयरी गायों में बार-बार गर्भाधान विफल होने की समस्या के वैज्ञानिक प्रबंधन और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना था।
यह कार्यक्रम एटीएमए उत्तर गोवा, राज्य कृषि विभाग, गोवा राज्य सहकारी बैंक तथा स्थानीय सहकारी और सामुदायिक संस्थाओं के सहयोग से आयोजित हुआ। इसमें कुल 47 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें 40 किसान शामिल थे।
पशु विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. संजयकुमार उधरवार ने संकर नस्ल की गायों में बार-बार प्रजनन विफलता के लिए आईसीएआर-सीसीएआरआई द्वारा सुझाई गई पोषण-हार्मोन उपचार पद्धति की जानकारी दी। संस्थान के अनुसार स्थानीय डेयरी फार्मों में इस पद्धति से करीब 66 प्रतिशत गर्भधारण दर दर्ज की गई है।
कार्यक्रम में संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा परीक्षण के आधार पर पोषक तत्व प्रबंधन और जैविक खाद के इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया। किसानों को डेयरी और फसल उत्पादन को एकीकृत करने तथा गोबर, गोमूत्र और खेत के जैविक अवशेषों से वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
कृषि विभाग ने किसानों को हाथ से चलने वाले पंप स्प्रेयर और वर्मी कम्पोस्ट वितरित किए। वहीं गोवा राज्य सहकारी बैंक ने कृषि उद्यमों को मजबूत करने के लिए उपलब्ध संस्थागत ऋण सुविधाओं की जानकारी दी।


