मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने हाई स्कूल (10वीं) और हायर सेकेंडरी (12वीं) की वार्षिक परीक्षाओं के परिणाम आधिकारिक रूप से घोषित कर दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परिणामों की घोषणा करते हुए सभी सफल छात्र-छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष प्रसन्नता व्यक्त की कि इस वर्ष शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार देखा गया है और प्रदेश का कुल परिणाम उत्साहजनक रहा है।
इस वर्ष के परिणामों में एक बार फिर बालिकाओं ने बाजी मारी है। 12वीं की प्रावीण्य सूची (मेरिट लिस्ट) में भोपाल की खुशी राय और चांदनी विश्वकर्मा ने संयुक्त रूप से प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। दोनों छात्राओं ने 500 में से 494 अंक प्राप्त कर राजधानी का गौरव बढ़ाया है। वहीं, 10वीं की परीक्षा में पन्ना जिले की प्रतिभा सिंह ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 500 में से 499 अंक हासिल कर राज्य में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है।
आंकड़ों का विश्लेषण करें तो इस बार सरकारी स्कूलों के नतीजों ने सबको चौंका दिया है। 10वीं कक्षा में सरकारी स्कूलों का पास प्रतिशत 76.80 रहा, जबकि प्राइवेट स्कूलों का परिणाम 68.64 फीसदी पर सिमट गया। सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन निजी संस्थानों की तुलना में 8 फीसदी बेहतर रहा है। जिला स्तर पर झाबुआ ने प्रदेश में प्रथम और अनूपपुर ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया है।
शिक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव करते हुए बोर्ड ने इस बार से ‘सप्लीमेंट्री’ की व्यवस्था खत्म कर दी है। इसके स्थान पर ‘सेकेंड चांस एग्जाम’ शुरू किया गया है। यह परीक्षा 7 मई 2026 से आयोजित की जाएगी। इसकी विशेषता यह है कि इसमें केवल अनुत्तीर्ण छात्र ही नहीं, बल्कि वे छात्र भी शामिल हो सकेंगे जो अपने अंकों में सुधार (Improvement) करना चाहते हैं। इस वर्ष बोर्ड परीक्षा में कुल 16 लाख से अधिक विद्यार्थी शामिल हुए थे, जिनमें 10वीं के 9.07 लाख और 12वीं के करीब 7 लाख छात्र थे।


