Trending News

UPSSSC PET-2026 के लिए 4.87 लाख अभ्यर्थियों ने किया आवेदन, ओटीआर में आठ लाख रजिस्ट्रेशन राम मंदिर CEO की रेस में 5200 आवेदनों से 18 नाम शॉर्टलिस्ट, 11-12 अगस्त को इंटरव्यू, 2 सितंबर को होगा फैसला मुंबई में आज से शुरू होगा दो दिवसीय BRICS फ्रेंडशिप सिटीज कॉन्क्लेव 2026 हरिद्वार में टूटा कांवड़ का रिकॉर्ड, 4.43 करोड़ लोगों ने लिया गंगाजल स्वतंत्रता दिवस से पहले लाल किले के पास 21 गन सैल्यूट की रिहर्सल कांगो में इबोला से मौतों का आंकड़ा 2,000 के पार UPSSSC PET-2026 के लिए 4.87 लाख अभ्यर्थियों ने किया आवेदन, ओटीआर में आठ लाख रजिस्ट्रेशन राम मंदिर CEO की रेस में 5200 आवेदनों से 18 नाम शॉर्टलिस्ट, 11-12 अगस्त को इंटरव्यू, 2 सितंबर को होगा फैसला मुंबई में आज से शुरू होगा दो दिवसीय BRICS फ्रेंडशिप सिटीज कॉन्क्लेव 2026 हरिद्वार में टूटा कांवड़ का रिकॉर्ड, 4.43 करोड़ लोगों ने लिया गंगाजल स्वतंत्रता दिवस से पहले लाल किले के पास 21 गन सैल्यूट की रिहर्सल कांगो में इबोला से मौतों का आंकड़ा 2,000 के पार

रोजगार बाजार को तत्काल बढ़ावा देने की जरूरतः रघुराम राजन

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने भारत में बुनियादी ढांचे के मोर्चे पर बहुत अच्छा काम करने के लिए मोदी सरकार की सराहना करते हुए उम्मीद जताई है कि आगामी बजट में नौकरी के बाजार को बढ़ावा देने के लिए कुछ ठोस कदम उठाए जाएंगे।

Published: 16:04pm, 21 Jan 2025

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने भारत में बुनियादी ढांचे के मोर्चे पर बहुत अच्छा काम करने के लिए मोदी सरकार की सराहना करते हुए उम्मीद जताई है कि आगामी बजट में नौकरी के बाजार को बढ़ावा देने के लिए कुछ ठोस कदम उठाए जाएंगे। स्विटजरलैंड की राजधानी दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की सालाना बैठक में उन्होंने कहा कि नौकरी बाजार को तत्काल बढ़ावा देने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने बुनियादी ढांचे के मोर्चे पर बहुत अच्छा काम किया है, लेकिन उपभोग को बढ़ावा देने के लिए दूसरा प्रमुख स्तंभ नौकरी बाजार है। नौकरी बाजार को बढ़ावा देने की तत्काल आवश्यकता है। अगले कुछ दिनों में केंद्रीय बजट आने वाला है। उम्मीद है कि हम उसमें इस संबंध में कुछ देखेंगे। राजन ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था 6 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है जो वास्तव में बहुत अच्छा है, लेकिन जब हम प्रति व्यक्ति आंकड़ों को देखते हैं, तो इसे और अधिक तेजी से बढ़ने की जरूरत है।

बैठक में अमेरिकी डॉलर पर आयोजित एक सत्र में उन्होंने रुपये की कमजोरी और डॉलर की मजबूती पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये का 85 रुपये के स्तर तक गिरना किसी घरेलू कारक की बजाय अमेरिकी मुद्रा की मजबूती के कारण अधिक है। उन्होंने कहा कि यदि आप एक उभरते बाजार में हैं, तो आप वास्तव में डॉलर को लेकर चिंतित हैं। कई उभरते बाजारों के केंद्रीय बैंकों को डॉलर के मुकाबले अपनी मुद्राओं में गिरावट को रोकने के लिए हस्तक्षेप करने के लिए मजबूर किया जा रहा है, लेकिन मुद्दा यह है कि उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए क्योंकि यह उनकी गलती नहीं है।

YuvaSahakar Team