दुनिया की सर्वश्रेष्ठ ओपनर स्मृति मंधाना के क्रिकेट तीनों फॉर्मेट की पूर्णकालिक कप्तानी संभालने पर भारतीय महिला टीम ने रायपुर में जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी 20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैच में बुरी तरह लड़खड़ाने के बावजूद चार विकेट से जीत के साथ तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त ले ली। बेशक भारत को जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैच में चार विकेट से जीत के लिए उम्मीद से ज्यादा संघर्ष करना पड़ा। भारत के नजरिए से अच्छी बात यह रही कि चार विकेट मात्र 19 रन पर गंवाने के बाद नवोदित निकी प्रसाद और सदाबहार अनुभवी दीप्ति शर्मा उसे जीत के एकदम करीब ले आई।
इस साल अपने सभी 18 टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैच हारने वाली जिम्बाब्वे का मेजबान मजबूत भारत को उसी के घर में क्रिकेट हरा सबसे बड़ा उलटफेर करने का हसीन ख्वाब टूट गया। भारत के लिए 20 वर्षीया निकी प्रसाद ने अपने पहले टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैच में उम्र में ज्यादा परिपक्व पारी खेल कर आगाज किया सीरीज के दूसरे टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैच में उनके साथ 23 वर्षीया अनुष्का शर्मा से भी बढ़िया पारी की आस करेगा।
स्मृति मंधाना सहित भारतीय महिला टीम पहले मैच में मिले शुरुआती झटकों से सबक लेकर अब इसी मैदान पर रविवार को जिम्बाब्वे से लगातार दूसरा मैच टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैच जीत 2-0 की निर्णायक व विजयदाई बढ़त लेकर सीरीज अपने नाम करने के मकसद से उतरेगी। भारत की शुरू की चार बैटर पहले टी 20 अंतर्राष्ट्रीय में दरअसल आक्रामक शॉट खेलने की फिराक में आउट हुईं। भारतीय महिला टीम का क्रिकेट के इस सबसे छोटे टी 20 फॉर्मेट में दर्शन यही है कि आक्रमण ही सर्वश्रेष्ठ रक्षण है। आप जितनी ज्यादा आक्रामक क्रिकेट खेलते है आपके आउट होने की आशंका भी उतनी ज्यादा होती है लेकिन जब आपके शॉट सही लगते हैं तो आपकी जीत की राह भी उतनी ही आसान हो जाती है।
कप्तान स्मृति मंधाना और उपकप्तान शैफाली वर्मा की सलामी जोड़ी अब जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे मैच में खासतौर पर सबसे ज्यादा तीन विकेट चटकाने वाली ऑफ स्पिनर न्याशा गवानजुरा के खिलाफ पारी की शुरुआत में बेवजह की हड़बड़ी से बचकर कुछ ज्यादा धैर्य से बल्लेबाजी करेंगी। भारत का जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीम के खिलाफ पहला मैच था और इसलिए उसे बतौर टीम आंकने के लिए एक मैच खेल कर उसकी असल ताकत और कमजोरी का आकलन किया जा सकता है। जिम्बाब्वे के मेजबान भारत से पहला टी टी 20 अंतर्राष्ट्रीय हारने के बावजूद उसके जीवट और जज्बे को सलाम। जिम्बाब्वे की कप्तान नकामो ने ठीक कहा कि उनकी बैटर को डॉट बॉल कम कर हर गेंद पर रन बनाने की कोशिश करनी होगी।
ओपनर कैलिस नडोल्वू (42 रन, 44 गेंद, 7 चौके) की विकेटकीपर मॉडेस्टर मूपाचिकवा (16 रन, 26 गेंद, एक चौका) के साथ दूसरी विकेट की 53 रन की भागीदारी और शार्न मायर्स (43 रन, 33 गेंद, दो छक्के, 4 चौके) की तेज पारी की बावजूद जिम्बाब्वे ने शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनैशनल स्टेडियम में निर्धारित 20 ओवर में पांच विकेट पर 114 रन का मामूली स्कोर बनाया। तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा (2/11), क्रांति गौड़ (1/16) व अरुंधति रेड्डी (1/30) व बाएं हाथ की स्पिनर श्रीचारिणी (1/14) भारत की कामयाब गेंदबाज रही। भारत के लिए जीत के लिए महज 115 रन का लक्ष्य तब पहाड़ का लगने लगा जब उसने अपनी नई कप्तान कप्तान स्मृति मंधाना (9 रन, 6 गेंद, 2 चौके), उपकप्तान शैफाली वर्मा(4 रन, 2 गेंद, एक चौका), अनुष्का शर्मा ( 4 रन, 3 गेंद, एक चौका) व पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर (1 रन, 4 गेंद) के रूप में चार विकेट मात्र 19 गेंदों में 19 रन पर खो दिए। स्मृति, शैफाली व अनुष्का को जिम्बाब्वे की ऑफ स्पिनर न्याशा गवानजुरा(3/18) ने आउट कर भारत की हालत खस्ता कर दी। ऐसे में अपने करियर का पहला टी 20 अतर्राष्ट्रीय मैच खेल रही निकी प्रसाद (अविजित 39 रन, 35 गेंद, 6 चौके) और अनुभवी दीप्ति शर्मा (49 रन,37 गेंद, 8 चौके) की पांचवें विकेट की 82 रन की भागीदारी की बदौलत भारत ने 15.4 ओवर में छह विकेट पर 116 रन बना मैच जीत लिया।
लगा ही नहीं कि निकी अपना पहला मैच खेल रही है : दीप्ति
भारत की पहले टी 20 अंतर्राष्ट्रीय मैच में जीत पर वूमैन ऑफ द मैच घोषित की गई दीप्ति शर्मा ने कहा, ‘निकी प्रसाद वाकई बहुत बढ़िया खेली। निकी ने जिस विश्वास के साथ बल्लेबाजी की उससे यह कतई नहीं लगा कि वह अपने टी 20 अंतर्राष्ट्रीय करियर का पहला मैच खेल रही है। नौजवान बैटर निकी का आत्मविश्वास गजब का था। बेशक हमने आनन फानन में चार विकेट गंवा दिए लेकिन हमारी टीम में कतई कोई बौखलाहट नहीं थी। क्रीज पर मैं और मेरे साथ निकी थी और हमारे बाद ऋचा घोष के रूप में हमारे पास पर्याप्त बल्लेबाजी थी। हम दोनों ने कुछ देर संभल कर बल्लेबाजी कर यह सोचा कि आगे क्या करना है। मेरा मानना है की यदि दबाव नहीं होगा तब आप बतौर खिलाड़ी और टीम मजबूत कैसे बनेंगे। समय समय पर इस तरह के हालात से गुजरना जरूरी है। हम दोनों संभल कर बल्लेबाजी करते हुए अपनी टीम की जीत की स्थिति में ले आई। हम बतौर टीम इसी तरह का मजबूत प्रदर्शन करना चाहते हैं। बेशक हमारी टीम आक्रामक क्रिकेट खेलना पसंद करती हैं और शुक्रवार रात जिम्बाब्वे के खिलाफ भी हम अपनी इसी सोच से बल्लेबाजी करने उतरी। कई बार पारी इस फेर में लड़खड़ा भी जाती है। हम हमेशा अपने इसी तरह मैचों और पारियों से सीखते हैं। मुझे बस एक मलाल रह गया कि मैं मैच को खत्म नहीं कर पाए। मैंने यही सोचा था कि मैं भागीदारी कर अपनी टीम को जीत के करीब ले जाउं और मैच जिता कर लौटे लेकिन मैं बस छोटी से गलती कर बैठी। बेशक मैं इस तरह की गलती आगे नहीं दोहराउंगी। मेरे जेहन में यही था कि जल्दी से जल्दी मैच को खत्म कर दूं।’
मैं जानती थी मेरा काम भारत को जीत दिलाना है: निकी
‘मैं पूरी तरह तैयार थी। मैं जब क्रीज पर उतरी तो जानती थी कि मेरा काम मैच को आखिरी तक ले जाकर भारत को जीत दिलाना है। मैंने क्रीज पर उतर कर इसी पर ध्यान लगाया। हमने शुरू में ध्यान भागीदारी करने पर लगाया और पारी को संभालने के बाद को संभालने के बाद आपस में चर्चा की निशाना बनाना है और किसके खिलाफ समझबूझ कर जोखिम उठाना है। मैं धैर्य से खेली और गेंद को उसकी योग्यता के मुताबिक खेला। रात में ओस थी और गेंद पिच होने के बाद तेजी से बल्ले पर आ रही थी। पिच भी धीमी हो गई थी और गेंद कुछ नीची रह रही थी लेकिन हमने खुद को स्थितियों के मुताबिक बढ़िया ढंग से ढाला। मेरी दीप्ति के साथ भागीदारी बेहद अहम रही और मुझे खुशी है कि मैं भारत को जिता कर मैदान से लौटी। यह तो बस आगाज है और मैं बस इसी अंदाज में खेलते रह कर टीम के लिए ज्यादा से ज्यादा योगदान करना चाहती हूं।’
निकी के धैर्य व दीप्ति के अनुभव ने जिताया
‘हम इसीलिए जीत पाए कि नवोदित निकी प्रसाद ने अपने टी 20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट का पहला मैच खेलते हुए बहुत धैर्य दिखाया और अनुभवी दीप्ति की क्या बात करूं वह लीजेंड हैं। अनुष्का और निकी ने मैदान पर बेहद फुर्ती दिखाना हमारे लिए सबसे बढ़िया बात रही। जिम्बाब्वे की बैटर ने खुद को स्थितियों के मुताबिक ढाल कर बढ़िया बल्लेबाजी की। हमने बेशक जिम्बाब्वे के खिलाफ योजना बनाई थी लेकिन उनके विडियो देखना और उनके सामने खेलता एकदम अलग है।’ -स्मृति मंधाना, भारत की कप्तान
अपनी गेंदबाजों की जुझारू क्षमता से बहुत प्रभावित हूं
मेरा मानना है हमारी टीम बढ़िया खेली लेकिन मैं अपनी गेंदबाजों के जुझारू क्षमता ने बहुत प्रभावित हूं। हमारे सब कुछ एकदम साधारण रखा। हम बढ़िया लाइन लेंग्थ के साथ गेंदबाजी करने पर काबिज रहे। हमारी टीम की फील्डिंग भी बढ़िया रही। हमें डॉट बॉल कम खेलनी होगी। -नकोमो, जिम्बाब्वे की कप्तान
दूसरा टी 20 अंतर्राष्ट्रीय (रायपुर): भारतीय महिला टीम वि जिम्बाब्वे (शाम सात बजे से)।


