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ICA अध्यक्ष ने यूके जनरल असेंबली के बाद साझा किया सहकारिता का विजन

अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 को लेकर ICA अध्यक्ष एरियल गुआरको का बड़ा विजन, रोचडेल से लेकर ग्लोबल मंचों तक सहकारिता की मजबूत आवाज

Published: 14:53pm, 24 Jul 2025

हाल ही में दुनिया भर के सहकारी आंदोलन से जुड़े लोग यूनाइटेड किंगडम के मैनचेस्टर और रोचडेल में इकट्ठा हुए। यह आयोजन इंटरनेशनल कोऑपरेटिव अलायंस (ICA), कोऑपरेटिव्स यूके और यूके के कोऑप ग्रुप द्वारा मिलकर आयोजित किया गया था। इस हफ्ते भर के कार्यक्रम में इंटरनेशनल ईयर ऑफ कोऑपरेटिव्स का जश्न मनाया गया और रोचडेल पायोनियर्स की विरासत को याद किया गया।

कार्यक्रम में मौजूद सभी प्रतिभागियों के चेहरे पर उत्साह और गर्व साफ दिख रहा था। वे न केवल अतीत की बात कर रहे थे, बल्कि भविष्य को लेकर भी उम्मीद और आत्मविश्वास से भरे हुए थे। ऐसे समय में जब दुनिया की राजनीति में अस्थिरता है, सहकारी संस्थानों की यह एकजुटता एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

आईसीए के अध्यक्ष एरियल गुआरको ने को-ऑप न्यूज़ से बातचीत में कहा, “आज हमने एक बड़ा कदम आगे बढ़ाया है। वर्तमान वैश्विक चुनौतियों के बीच, लोगों के केंद्र में रहने वाले सहकारी मॉडल एक सशक्त विकल्प बन सकते हैं।”

गुआरको के अनुसार, आईसीए का उद्देश्य दुनिया भर के सहकारी संगठनों की आवाज बनना है। इसका मकसद है सहकारी पहचान की रक्षा करना, सहकारी नीति और नियमों को बढ़ावा देना और सहकारी संगठनों को सीमा पार विकास के अवसर दिलाना।

उन्होंने आगे कहा, “हम वैश्विक स्तर पर सक्रिय हैं लेकिन स्थानीय स्तर पर भी व्यवसाय चला रहे हैं। हमारी कोशिश है कि हर समुदाय को यह महसूस हो कि वहां सहकारी संस्था है।”

आईसीए ने हाल ही में 2026-2030 के लिए एक नई रणनीति अपनाई है, ताकि 2025 में घोषित होने वाले दूसरे अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष की ऊर्जा को आगे भी बरकरार रखा जा सके।

गुआरको ने बताया कि 2025 सहकारी आंदोलन के लिए एक सुनहरा अवसर है, जब आईसीए सरकारों के साथ मिलकर सहकारी विकास के लिए बेहतर नीतियां और माहौल बनाने पर काम करेगी।

उन्होंने बताया कि आईसीए ने हाल ही में एक नया प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है – ‘सीएम50’, जिसमें दुनिया की 50 प्रमुख सहकारी और म्यूचुअल संस्थाओं के नेता शामिल हैं। ये नेता मिलकर यूनाइटेड नेशन्स की वर्ल्ड सोशल समिट और जलवायु सम्मेलन (COP30) जैसे मंचों पर सहकारिता की आवाज को बुलंद करेंगे।

गुआरको का मानना है कि 2025 में दूसरी बार अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित होना एक बड़ी मान्यता है। उन्होंने कहा, “हम रोज़ उस दुनिया को बनाने के लिए काम कर रहे हैं जो अधिक न्यायसंगत, शांतिपूर्ण, समान और सहयोग से भरी हो। यही वह सपना है जो रोचडेल के 28 सहकारी पायोनियर्स ने देखा था – और हम उसे पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं।”

YuvaSahakar Desk