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हिंदी कवियित्री गगन गिल को साहित्य अकादमी पुरस्कार

वर्ष 2024 का साहित्य अकादमी पुरस्कार हिंदी की मशहूर कवियित्री और साहित्यकार गगन गिल के देने की घोषणा की गयी है। साहित्य अकादमी की ओर से अन्य 21 भाषाओं के साहित्यकारों के नामों की सूची भी जारी की गयी। उर्दू, बाडला और डोगरी के नामों की घोषणा बाद में की जाएगी।

Published: 15:24pm, 19 Dec 2024

वर्ष 2024 का साहित्य अकादमी पुरस्कार हिंदी की मशहूर कवियित्री और साहित्यकार गगन गिल के देने की घोषणा की गयी है। साहित्य अकादमी की ओर से अन्य 21 भाषाओं के साहित्यकारों के नामों की सूची भी जारी की गयी। उर्दू, बाडला और डोगरी के साहित्यकारों के नामों की घोषणा बाद में की जाएगी।

कवियत्री गगन गिल को उनकी कविता संग्रह ‘मैं जब तक आई बाहर’ के लिये यह पुरस्कार दिया जायेगा। गगन गिल हिंदी की जानी मानी कवयित्री हैं। उनका जन्म 1959 में दिल्ली में हुआ। इंग्लिश में एमए करने के बाद उन्होनें पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा था। इसके बाद उन्होंने लेखन कला के क्षेत्र में कदम रख सभी का मन मोह लिया। सन् 1990 में अमेरिका के सुप्रसिद्ध आयोवा इंरनेशनल राइटिंग प्रोग्राम में वह भारत से आमंत्रित लेखिका थीं।

गगन गिल को साहित्य अकादमी पुरस्कार मिलना उनकी मेहनत को सार्थक करता है। उन्होंने स्त्री मन की पीड़ा को बहुत ही संतुलित तरीके से कविताओं का रूप दिया और साहित्य जगत में अपनी पहचान बनाई। अब तक उनके पांच काव्य संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं, जबकि गद्य में उल्लेखनीय नाम ‘दिल्ली में उनींदे’, ‘अवाक’ और ‘देह की मुंडेर’ है। उनका एक बहुत ही खास परिचय यह भी है कि वह हिंदी के प्रख्यात लेखक निर्मल वर्मा की पत्नी हैं।

हिंदी के अलावा अन्य कई भाषाओँ में पुरस्कार दिये गये हैँ। इनमें मराठी में सुधीर रसाल, संस्कृत में दीपक कुमार शर्मा, राजस्थानी में मुकुट मणिराज, पंजाबी में पॉल कौर, कश्मीरी में सोहन कौल, गुजराती में दिलीप झावेरी, मैथिली में महेन्द्र मलंगिया और अंग्रेजी में ईस्टरिन किरे को पुरस्कृत किया जाएगा। फिलहाल केवल 21 भाषाओं के लिए पुरस्कार दिया जाएगा जिनमें आठ कविता संग्रह, तीन उपन्यास, दो कहानी संग्रह, तीन निबंध, तीन साहित्यिक आलोचना, एक नाटक और एक शोध की पुस्तक शामिल हैं।

YuvaSahakar Team