देश के सहकारी क्षेत्र में डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करने और सेवाओं की दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एग्रीस्टैक (AgriStack) की तर्ज पर कोऑपरेशन स्टैक (Cooperation Stack) विकसित करने की संभावनाओं पर विचार शुरू किया है। इस संबंध में सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष भूटानी की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में एग्रीस्टैक की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (Digital Public Infrastructure) और इसके कार्यान्वयन से प्राप्त अनुभवों पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। इसमें किसानों की डिजिटल पहचान, उर्वरक वितरण, फसल बीमा, कृषि ऋण तथा एकीकृत डिजिटल रजिस्ट्रियों की कार्यप्रणाली पर चर्चा हुई।
अधिकारियों ने विचार किया कि एग्रीस्टैक के तकनीकी ढांचे और अनुभवों का उपयोग सहकारी संस्थाओं के डिजिटलीकरण में किस प्रकार किया जा सकता है। प्रस्तावित कोऑपरेशन स्टैक के माध्यम से सहकारी संस्थाओं के डेटा प्रबंधन, विभिन्न डिजिटल प्रणालियों के बीच समन्वय और सेवाओं की उपलब्धता में सुधार की संभावनाओं का आकलन किया गया।
बैठक में विशेष रूप से डेटा की गुणवत्ता, विभिन्न प्रणालियों की परस्पर अनुकूलता, व्यक्तिगत सूचनाओं की गोपनीयता और केंद्र-राज्य सरकारों के बीच प्रभावी समन्वय जैसे मुद्दों पर जोर दिया गया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) के प्रबंध निदेशक एवं अतिरिक्त सचिव पंकज कुमार बंसल, सहकारिता मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव सिद्धार्थ जैन, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव डॉ. प्रमोद कुमार मेहरदा सहित दोनों मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी और सहकारी क्षेत्र के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
यह पहल सहकारी संस्थाओं के लिए साझा डिजिटल व्यवस्था विकसित करने की संभावनाओं से जुड़ी है। इसके क्रियान्वयन से डेटा आधारित निर्णय, प्रशासनिक पारदर्शिता और सदस्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद की जा रही है।


