एम्सतलवीन (नीदरलैंड)।
ड्रैग फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह की अगुआई वाली भारत की मेजबान नीदरलैंड से आखिरी क्वॉर्टर में रक्षापंक्ति की क्षणिक गलतियों के चलते 16वें एफआईएच पुरुष हॉकी विश्व कप के दूसरे चरण में पूल ई के मैच में 1-3 से हार से उसका सेमीफाइनल में पहुंचना अगर मगर में फंस गया है। बड़े जीवट से खेलने के बावजूद चौथे और आखिरी क्वॉर्टर की दो क्षणिक गलतियों से भारत की नीदरलैंड के खिलाफ मैच में सारी मेहनत पर फिर गया।
डयूगो तेलजनकैंप ने तीसरे क्वॉटर और तइप हुडमेकर्स और थिज वान डैम के चौथे आखिरी क्वॉर्टर में दागे एक एक गोल की बदौलत लगातार तीन मैच जीत कर तीन अंक लेकर दूसरे चरण में पहुंची नीदरलैंड ने भारत पर पहले मैच में 3-1 की जीत के साथ छह अंकों के साथ सेमीफाइनल में स्थान पक्का कर लिया। भारत के लिए इकलौता गोल कप्तान हरमनप्रीत ने किया। अर्जेंटीना की दूसरे चरण में इंग्लैंड पर पूल ई में पर 3-1 से जीत से भारत की सेमीफाइनल में मामूली उम्मीद बरकरार है। सभी गुणा भाग को दरकिनार कर भारत को पूल ई में शीर्ष दो में रह कर सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए अर्जेंटीना को चार गोल के अंतर से हराना होगा। भारत को अर्जेंटीना के खिलाफ जीतना है तो खासतौर पर अभिषेक नैन, दिलप्रीत और शिलानंद लाकरा, मनदीप को पेनल्टी कॉर्नर बनाने के साथ मैदानी गोल करने के हर मौके को भुनाना होगा। भारत के लिए अग्रिम पंक्ति में अभिषेक और सुखजीत सिंह ने अब तक दो दो गोल किए है।
ड्रैग फ्लिकर थॉमस डॉमने के तीसरे, पांचवें और आखिरी पेनल्टी कॉर्नर गोल की हैट्रिक की बदौलत अर्जेंटीना ने शनिवार को पूल डी में शीर्ष पर रह तीन अंकों के दूसरे चरण में पहुंची इंग्लैंड को 3-1 से हरा तीन अंक हासिल किए। इससे अब पूल ई में अर्जेंटीना और इंग्लैंड के तीन तीन अंक हो गए हैं और दोनों का गोल अंतर शून्य है। भारत यदि अर्जेंटीना को 3-0 से हराता है तो फिर भारत का गोल अंतर -1 और अर्जेंटीना का गोल अंतर -1 हो जाएगा। यदि ऐसा होता तो फिर नीदरलैंड को इंग्लैड को दो गोल से हराना चाहिए। तब इंग्लैंड का गोल अंतर -2 ही रह जाएगा और अंक तीन ही रह जाएंगे। इन दोनों स्थितियों में भारत को अपने -1 गोल अंतर के आधार पर सेमीफाइनल में पहुंचना चाहिए क्योंकि तब इंग्लैंड का गोल अंतर -2 और अर्जेंटीना का गोल अंतर -3 हो जाएगा और तीनों टीमों के तीन तीन अंक हो जाएंगे।
भारत यदि दूसरे चरण के अपने आखिरी मैच में अर्जेंटीना को चार गोल से हराता है तो तब इंग्लैंड की नीदरलैंड से हार ही उसे सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए काफी होगी। भारत के लिए अर्जेंटीना की मौजूद फॉर्म के आधार यह भारत के लिए उसे हरा कर सेमीफाइनल में पहुचना आसान नहीं, लेकिन यह नामुमकिन भी कतई नहीं है। बेशक यह दिन में सपना देखने जैसा लगता है लेकिन भारत यह यकीन कर उतरेगा की सपने सच भी होते है। भारत यदि अर्जेंटीना से जीत सेमीफाइनल में पहुंचा तो बेशक यह सच होने वाला सपना होगा। भारत के कप्तान ड्रैग फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह और अर्जेंटीना का थॉमस डॉमैनी छह छह गोल कर मौजूदा पुरुष हॉकी वि्श्व हॉकी विश्व कप में शीर्ष पर चल रहे हैं।
भारत को अर्जेंटीना से जीतना है तो मध्यपंक्ति में खासतौर पर हार्दिक सिंह, विवेक सागर प्रसाद और बुढ़ाते 34 बरस मनप्रीत सिंह को पूरी मुस्तैदी से खेलना होगा। भारत की मध्यपंक्ति में विवेक सागर प्रसाद, मनप्रीत सिंह, हार्दिक और राजिंदर सिंह ने शुरू के दो क्वॉर्टर में मिलकर बराबर आगे गेंद सुखजीत सिंह, दिलप्रीत सिंह और शिलानंद लाकरा के लिए निकाली और पीछे आकर अपनी रक्षापंक्ति की नीदरलैंड के हमले नाकाम करने में मदद की थी। यही भूमिका अर्जेंटीना के खिलाफ मैच में भी निभानी होगी। भारत के कप्तान हरमनप्रीत सिह मांसपेशियों में खिंचाव के बावजूद खेले और कुछ जूझते दिखे। उम्मीद है हरमनप्रीत सिंह इस अहम मैच में पूरी शिद्दत से साथ खेलने उतरेंगे।
भारत को जोनल मार्किंग कर खेलने वाली अर्जेंटीना के खिलाफ पहले से चौथे और आखिरी क्वॉर्टर तक पूरी तरह चौकस रहना होगा। भारत के स्ट्राइकर अभिषेक, दिलप्रीत, सुखजीत और मनदीप सिंह और शिलानंद लाकरा को मध्यपंक्ति द्वारा आगे बढ़ाई गेंद पर मैदानी गोल करने के साथ बराबर पेनल्टी कॉर्नर बनाने ही होंगे। अर्जेंटीना को कम से कम पेनल्टी कॉर्नर देने की कोशिश होगी क्योंकि उसके पास थॉमस डॉमने जैसा खतरनाक ड्रैग फ्लिकर है। भारत को अर्जेंटीना के ड्रैग फ्लिकर डॉमने, स्ट्राइकर बाउतिस्ता कपूरो (दो गोल), निकोलस कीनना (1 गोल), मासियो कैसला (एक गोल), कप्तान रे मातियाज से चौकस रहना होगा। भारत की सबसे बड़ी कमजोरी उसके गोलरक्षक सूरज करकेरा और मोहित एसएस साबित हुए हैं। यहीं अपने पैड टांग चुके पिछले दो ओलंपिक में कांसा जिताने वाले पीआर श्रीजेश सरीखे गोलरक्षक की कमी अखर रही है। बेशक इस बाबत चीफ कोच क्रेग फुल्टन सरीखा टीम प्रबंधन जरूर सोचेगा।
गोल करने के साथ स्ट्रक्चर पर काबिज रहना होगा : फुल्टन
भारत के चीफ कोच क्रेग फुल्टन ने कहा, ‘हमें अब अर्जेंटीना के खिलाफ मैच में सेमीफाइनल के लिए एक नई उम्मीद जगी है। हमें मालूम है कि हमें क्या करना है। हमें गोल करने के साथ स्ट्रक्चर पर काबिज रह खेलना है। भारत को अर्जेंटीना के खिलाफ आखिरी तीन क्वॉर्टर तेज हमले बोलने के साथ उसके गोल के सामने पहुंच मौकों को भुनाना होगा। हमारे सामने बड़ी चुनौती है। भारत को सेमीफाइनल में पहुंचना है तो उसके पास अपना सब कुछ झोंक जीतने के अलावा कोई विकल्प है।’


