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बिहार में श्वेत क्रांति का नया अध्याय: हर गांव में खुलेगी डेयरी समिति, महिलाओं को मिलेंगे सुधा आउटलेट

सुधा आउटलेट प्राप्त करने के लिए आवेदक के पास कम से कम 80 वर्ग फुट का स्थान होना आवश्यक होगा। यदि किसी के पास अपनी दुकान है और वह सुधा आउटलेट संचालित करना चाहता है तो Bihar State Milk Co-operative Federation (कॉम्फेड) उसकी व्यावसायिक व्यवहार्यता की जांच के बाद आउटलेट आवंटित कर सकता है।

Published: 14:58pm, 16 Apr 2026

बिहार सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत, राज्य के प्रत्येक गांव में डेयरी सहकारी समिति की स्थापना की जाएगी। इस महत्वाकांक्षी योजना के प्रथम चरण में 24,248 गांवों का चयन किया गया है, जहां इन समितियों का गठन कर दुग्ध उत्पादन को संगठित रूप दिया जाएगा।

जीविका दीदियों और महिलाओं को प्राथमिकता

डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक ने शुक्रवार को पटना स्थित सूचना भवन में आयोजित एक प्रेसवार्ता में बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। योजना के तहत चयनित जीविका दीदियों के माध्यम से समितियों का संचालन होगा। साथ ही, राज्य की सभी 8,053 पंचायतों में ‘सुधा’ बिक्री आउटलेट खोले जाएंगे। इन आउटलेट्स का आवंटन लॉटरी के माध्यम से पारदर्शी तरीके से किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की लाभार्थियों को प्राथमिकता मिलेगी।

पशु नस्ल सुधार और अंतरराष्ट्रीय बाजार पर जोर

दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ पशुओं की नस्ल सुधारने के लिए सरकार ने 15 लाख ‘सेक्स सार्टेड सीमेन’ उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। मात्र 150 रुपये की दर से उपलब्ध होने वाले इस सीमेन से 90 प्रतिशत बछिया पैदा होने की संभावना होगी, जिससे भविष्य में दुग्ध उत्पादन में भारी वृद्धि होगी। प्रेसवार्ता में विभाग के मंत्री सुरेंद्र मेहता ने स्पष्ट किया कि ‘सुधा’ के उत्पादों की गुणवत्ता को देखते हुए अब इन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार में बड़े स्तर पर प्रमोट किया जाएगा ताकि किसानों की आय में इजाफा हो सके।

मछली उत्पादन में बिहार की बड़ी छलांग

मंत्री सुरेंद्र मेहता ने बताया कि बिहार अब दूध और मछली उत्पादन में पूरी तरह आत्मनिर्भर हो चुका है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में मछली उत्पादन बढ़कर 9.59 लाख टन पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में बिहार मछली उत्पादन के मामले में देश में नौवें स्थान से उठकर चौथे स्थान पर आ गया है।

‘फ्रेश कैच कियोस्क’ की शुरुआत

सुधा आउटलेट की तर्ज पर ही अब राज्य के प्रमुख शहरों और नगर निगम क्षेत्रों में ‘फ्रेश कैच कियोस्क’ खोले जाएंगे। इस महीने के अंत तक पटना सहित अन्य प्रमुख चौराहों पर ये कियोस्क चालू हो जाएंगे, जिनका आवंटन प्राथमिकता के आधार पर मछुआरा समुदाय के लोगों को किया जाएगा।

सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि सुधा आउटलेट के लिए आवेदन करने वालों के पास कम से कम 80 वर्ग फुट की जगह होनी चाहिए। यदि कोई पुरुष अपनी दुकान में आउटलेट खोलना चाहता है, तो कॉम्फेड उसकी व्यावसायिक व्यवहार्यता की जांच के बाद आवंटन पर विचार करेगा। इस अवसर पर कॉम्फेड के प्रबंध निदेशक समीर सौरभ, विशेष सचिव गीता सिंह, संयुक्त सचिव कुमार रविंद्र और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

YuvaSahakar Desk