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अब कोऑपरेटिव बैंक भी दे सकेंगे एजुकेशन लोन, केंद्र सरकार ने दी मंजूरी

केंद्र सरकार ने शिक्षा ऋण गारंटी योजना का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है। शिक्षा मंत्रालय ने शिक्षा ऋण गारंटी योजना के लिए सहकारी बैंकों का भी चयन किया है।

CGFSEL Expanded to Include Qualifying State and Urban Cooperative Banks


Published: 11:55am, 14 Sep 2026

केंद्र सरकार ने शिक्षा ऋण गारंटी योजना का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है। शिक्षा मंत्रालय ने अब शिक्षा ऋण गारंटी योजना के लिए सहकारी बैंकों का भी चयन किया है। यानी अब सहकारी बैंक भी एजुकेशन लोन दे सकेंगे। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार पात्र अनुसूचित राज्य सहकारी बैंक और अनुसूचित शहरी सहकारी बैंक भी क्रेडिट गारंटी फंड स्कीम फॉर एजुकेशन लोन्स के तहत ऋण देने वाली संस्थाओं में शामिल हो सकेंगे। एजुकेशन लोन का दायरा बढ़ने से छात्रों को बैंक चुनने के और ज्यादा विकल्प मिलेंगे।

केंद्र सरकार ने शिक्षा ऋण की पहुंच बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पात्र अनुसूचित राज्य सहकारी बैंकों और अनुसूचित शहरी सहकारी बैंकों को क्रेडिट गारंटी फंड स्कीम फॉर एजुकेशन लोन्स के तहत सदस्य ऋणदाता संस्थान के रूप में शामिल करने का प्रावधान किया है।

शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की अधिसूचना के अनुसार, केवल वे सहकारी बैंक इस योजना में शामिल हो सकेंगे जो निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करते हों। अधिसूचना में 34 अनुसूचित राज्य सहकारी बैंकों और 52 अनुसूचित शहरी सहकारी बैंकों का उल्लेख किया गया है।

पात्रता के लिए बैंक का भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची में शामिल होना आवश्यक है। बैंक पिछले दो वित्तीय वर्षों के दौरान RBI के जांच के दायरे में नहीं रहा हो और पिछले तीन वर्षों में उस पर कोई मौद्रिक दंड भी नहीं लगाया गया हो।

वित्तीय मानकों के तहत बैंक का पिछले दो वित्तीय वर्षों में न्यूनतम CRAR 11.5 प्रतिशत, पिछले ऑडिटेड वित्तीय वर्ष के अनुसार न्यूनतम नेटवर्थ 100 करोड़ रुपये, सकल गैर निष्पादित परिसंपत्ति 7 प्रतिशत से कम और शुद्ध NPA 3 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए।

इसके अलावा बैंक ने पिछले चार वित्तीय वर्षों में कम से कम तीन वर्षों में शुद्ध लाभ अर्जित किया हो। यदि किसी वर्ष शहरी सहकारी बैंक को शुद्ध घाटा हुआ है तो उस वर्ष उसका परिचालन लाभ में होना जरूरी है।

नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड इन बैंकों की पात्रता और अनुपालन की समय समय पर वार्षिक समीक्षा करेगी। अधिसूचना स्पष्ट करती है कि सूची में शामिल हर सहकारी बैंक स्वतः पात्र नहीं होगा। योजना का लाभ तभी मिलेगा जब बैंक सभी निर्धारित शर्तों को लगातार पूरा करता रहे।

Jitendra