देश के कई हिस्सों में इन दिनों गर्मी तेजी से बढ़ रही है और कई राज्यों में तापमान लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। भीषण गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए राज्य सरकारें लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रही हैं। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ सरकार ने भी बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है।
छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ते तापमान और लू की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी शासकीय और निजी स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश समय से पहले घोषित कर दिया है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने जानकारी देते हुए बताया कि 20 अप्रैल से प्रदेश के सभी स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश लागू किया जाएगा।
प्रदेश में तापमान पहले ही 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में इसमें 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और वृद्धि होने की संभावना जताई है। राजधानी रायपुर सहित कई जिलों में भीषण गर्मी का असर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
मौसम विभाग ने 16 से 19 अप्रैल के बीच बिलासपुर, दुर्ग और रायपुर संभाग में लू (हीट वेव) का येलो अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में फिलहाल मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है और बीते 24 घंटों में कहीं भी बारिश दर्ज नहीं की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया है। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि प्रदेश में भीषण गर्मी और लू की स्थिति को देखते हुए बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने बताया कि इसी कारण ग्रीष्मकालीन अवकाश को पूर्व निर्धारित तिथि से पहले लागू करने का निर्णय लिया गया है, ताकि विद्यार्थी तेज गर्मी और लू के दुष्प्रभाव से सुरक्षित रह सकें।
राज्य सरकार का मानना है कि यह निर्णय बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के साथ-साथ अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन के लिए भी राहत लेकर आएगा। प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि भीषण गर्मी के दौरान आवश्यक सावधानियां बरतें और बच्चों को अत्यधिक धूप से बचाकर रखें।


