सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए कक्षा 10वीं के ‘सेशन-1’ के परीक्षा परिणाम आधिकारिक तौर पर जारी कर दिए हैं। बोर्ड द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, परीक्षार्थी अपना डिजिटल स्कोरकार्ड आधिकारिक वेबसाइट results.cbse.nic.in और उमंग (UMANG) ऐप के माध्यम से देख सकते हैं। इस वर्ष की परीक्षा में देश भर के लगभग 25 लाख विद्यार्थी सम्मिलित हुए थे।
CBSE का इस साल का कुल पास प्रतिशत 93.70% रहा है, जो पिछले साल (93.66%) के मुकाबले 0.04% बेहतर है।
सीबीएसई ने इस वर्ष 10वीं की परीक्षाएं ‘टू-बोर्ड’ सिस्टम (अनिवार्य और वैकल्पिक) के तहत आयोजित की थीं। प्रथम सत्र की परीक्षाएं 17 फरवरी से 11 मार्च 2026 के बीच देश के 8 हजार से अधिक परीक्षा केंद्रों पर सफलतापूर्वक संपन्न हुई थीं। बोर्ड के नियमों के अनुसार, छात्रों को सफल होने के लिए थ्योरी और इंटरनल असेसमेंट (IA) दोनों में कम से कम 33% अंक प्राप्त करना अनिवार्य है।
बोर्ड ने एक बार फिर अपनी पुरानी नीति को दोहराते हुए स्पष्ट किया है कि शैक्षणिक दबाव को कम करने के लिए कोई ‘मेरिट लिस्ट’ जारी नहीं की जाएगी। इसके साथ ही, सीबीएसई ने सभी संबद्ध स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे जिला या स्कूल स्तर पर किसी भी छात्र को ‘टॉपर’ घोषित न करें। परिणाम समय पर जारी होने से छात्रों को अपने आगामी करियर और विषयों के चयन में काफी सुविधा होगी।
जो छात्र सेशन-1 के अंकों से संतुष्ट नहीं हैं या किसी कारणवश कम अंक प्राप्त कर पाए हैं, उनके लिए बोर्ड 15 मई से 1 जून 2026 तक ‘सेशन-2’ (ऑप्शनल) परीक्षा आयोजित करेगा। इस परीक्षा में छात्र अधिकतम तीन विषयों में अपने अंकों में सुधार (Improvement) कर सकते हैं।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई छात्र दो विषयों में अनुत्तीर्ण होता है, तो उसे ‘कंपार्टमेंट’ श्रेणी में रखा जाएगा और वह दूसरी परीक्षा दे सकेगा। हालांकि, तीन या उससे अधिक विषयों में अनुत्तीर्ण होने वाले छात्रों को वर्ष 2027 की मुख्य परीक्षा में पुनः सम्मिलित होना होगा।


