दुनिया के बेहतरीन ड्रैग फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह की अगुआई में विश्व कप 2026 में आठवें स्थान की निराशा को भुला कर 2026 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के बाद अब भारतीय पुरुष हॉकी टीम का ध्यान 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक क्रमश: जालंधर और मोहाली में होने वाली हीरो पुरुष एशियन चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी पर है। पंजाब में लंबे अंतराल के बाद भारतीय पुरुष हॉकी किसी टूर्नामेंट में शिरकत करेगी। पुरुष एशियन ट्रॉफी हॉकी के लीग मैच जालंधर में सुरजीत सिंह स्टेडियम 4 नवंबर को सेमीफाइनल और 5 नवंबर को फाइनल मोहाली के बलबीर सिंह सीनियर हॉकी स्टेडियम में खेले जाएंगे। भारतीय पुरुष हॉकी टीम एशियाई खेलों की सुनहरी लय को पुरुष एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में बनाए रखने रखने की पुरजोर कोशिश करेगी।
2011 में एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी शुरू होने के साथ भारतीय टीम ने अब तक चार बार खिताब जीता और इसें 2018 में मस्कट में फाइनल के बारिश से धुलने से भारतीय टीम पाकिस्तान के साथ संयुक्त विजेता रही थी। भारतीय पुरुष हॉकी टीम के चीफ कोच क्रेग फुल्टन ने कहा, ‘मौजूदा टीम के साथ जापान में एशियाई खेलों में पुरुष हॉकी का स्वर्ण पदक बरकरार रखना वाकई खास उपलब्धि था। अब एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने का जश्न पीछे छूट चुका है। हमें जल्द अपना ध्यान आगे भविष्य की ओर लगाना है। एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी पंजाब, 2026 हमारे लिए अपनी धरती पर हमारे लिए एक नई चुनौती है और इसमें भी हमें इसमें वैसे ही जज्बे के साथ उतरने की जरूरत है।’
पाकिस्तान के सुरक्षा कारणों का बहाना बना हटने पर उसकी जगह बांग्लादेश को पुरुष एशियन चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी में शामिल किया गया है। मेजबान भारत के साथ जापान, चीन, मलयेशिया, दक्षिण कोरिया और बांग्लादेश के रूप में एशिया की छह सर्वश्रेष्ठ टीमें पुरुष एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में शिरकत करेंगी।
हरमनप्रीत सिंह की अगुआई में भारतीय पुरुष हॉकी ने मलयेशिया को काकामिगहारा (जापान) में एशियाई खेलों के फाइनल में 5-1से हरा कर पहली बार अपना स्वर्ण पदक बरकरार रखा है। भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम करीब ढाई महीने के भीतर तीसरे बड़े हॉकी टूर्नामेंट में खेलेगी। मौजूदा चैंपियन चीफ कोच क्रेग फुल्टन के मार्गदर्शन में भारतीय पुरुष हॉकी टीम के 2028 के लॉस एंजेल्स ओलंपिक की तैयारियों के मद्देनजर कई बूढ़े शेरों को आराम देकर अपेक्षाकृत नौजवान टीम के साथ उतरने की उम्मीद है।


