हरियाणा के जेल महानिदेशक आलोक मित्तल को केंद्र सरकार ने गृह मंत्रालय के अधीन ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (BPR&D) का नया महानिदेशक नियुक्त किया है। 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी मित्तल हरियाणा में डीजीपी पद की दौड़ में भी शामिल थे। BPR&D देशभर की पुलिस व्यवस्था के प्रशिक्षण, अनुसंधान, आधुनिकीकरण और सुधारात्मक प्रशासन की शीर्ष संस्था है। प्रयागराज के रहने वाले आलोक मित्तल बीटेक और एलएलबी स्नातक हैं तथा 30 जून 2029 को सेवानिवृत्त होंगे। उन्हें 2009 में पुलिस मेडल और 2016 में राष्ट्रपति पुलिस मेडल से सम्मानित किया जा चुका है। वे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) में आईजी के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं।
वरिष्ठ IPS अमित गर्ग बने NCRB निदेशक
वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अमित गर्ग को केंद्र सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। अमित गर्ग को राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो यानी NCRB का निदेशक नियुक्त किया गया। आंध्र प्रदेश कैडर के 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी अमित गर्ग वर्तमान में हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी के निदेशक हैं। मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने उनकी NCRB निदेशक पद पर नियुक्ति को मंजूरी दी है। आधिकारिक आदेश के अनुसार, गर्ग अपना नया कार्यभार संभालने की तारीख से लेकर 31 अक्टूबर 2027 तक इस पद पर रहेंगे, जो उनकी सेवानिवृत्ति की तारीख है।
सुजीत पांडेय बने सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी के निदेशक
सुजीत पांडेय को हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी का नया डायरेक्टर उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सुजीत पांडेय को पुलिस महानिदेशक यानी डीजी के पद पर प्रमोशन मिला है। शासन स्तर पर यह पदोन्नति उनके लंबे प्रशासनिक अनुभव और पुलिस सेवा में निभाई गई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को देखते हुए अहम मानी जा रही है।
सुजीत पांडेय वर्तमान में एडीजी जोन लखनऊ के पद पर कार्यरत हैं। अपने कार्यकाल के दौरान वह कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिस प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं। उन्हें एक अनुभवी और सख्त प्रशासनिक अधिकारी के रूप में जाना जाता है।लखनऊ में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद सुजीत पांडेय को शहर का पहला पुलिस कमिश्नर बनाया गया था। इस जिम्मेदारी के दौरान उन्होंने राजधानी की कानून-व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन और अपराध नियंत्रण को लेकर कई अहम कदम उठाए थे। उनके कार्यकाल में पुलिसिंग व्यवस्था को नई संरचना के अनुसार मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
डीजी पद पर प्रमोशन के बाद सुजीत पांडेय की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। उत्तर प्रदेश पुलिस में उनके अनुभव को देखते हुए माना जा रहा है कि आने वाले समय में उन्हें और भी महत्वपूर्ण भूमिका दी जा सकती है।


