सहकारिता मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में लिखित जवाब में कहा कि 3 दिसंबर 2025 तक सहकारिता मंत्रालय में आरक्षित श्रेणी के पदों सहित 91 रिक्त पद हैं। मंत्रालय में कुल 209 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 118 भरे जा चुके हैं।
कृषि, सहकारिता और किसान कल्याण मंत्रालय से अलग होकर 6 जुलाई 2021 को गठित सहकारिता मंत्रालय, अपने-अपने सेवा नियमो के तहत भर्ती के लिए विभाग, कृषि एवं कृषि विभाग और कृषि मंत्रालय जैसे कैडर नियंत्रण प्राधिकरणों पर निर्भर रहता है। ये प्राधिकरण सभी भर्तियों में आरक्षण नीतियों को लागू करने के लिए जिम्मेदार हैं।
मंत्रालय के गठन के बाद से रिक्त पदों में लगातार गिरावट देखी गई है। रिक्त पदों की संख्या 2022-23 में 159 से घटकर 2023-24 में 120, 2024-25 में 95 और 2025-26 में और घटकर 91 रह गई।
शाह ने यह भी बताया कि मंत्रालय विशेष कार्यों के लिए संविदा कर्मचारियों पर तेजी से निर्भर हो रहा है। सलाहकारों की नियुक्ति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, 2022-23 में 5 सलाहकार, 2023-24 में 19, 2024-25 में 18 और 2025-26 में 17 सलाहकार नियुक्त किए गए। ये नियुक्तियां खुले विज्ञापनों के माध्यम से की जाती हैं और श्रेणीवार आंकड़े नहीं रखे जाते हैं।
इसके अतिरिक्त, कुछ रिक्त पदों का प्रबंधन आउटसोर्स किए गए कर्मचारियों के माध्यम से किया जा रहा है, जिनमें डेटा एंट्री ऑपरेटर, मल्टी-टास्किंग स्टाफ और हाउसकीपिंग कर्मचारी शामिल हैं, जिनकी भर्ती सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) के माध्यम से सामान्य वित्तीय नियमों के अनुसार की जाती है।


