Trending News

अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने भी किया पलटवार, सैन्य ठिकानों पर किया हमला वैभव सूर्यवंशी बने IPL की नई ‘सिक्सर मशीन’, एक सीजन में 65 छक्का जड़ रचा इतिहास, क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ा IGNOU जुलाई 2026 सत्र के लिए एडमिशन प्रक्रिया शुरू, 15 जुलाई तक कर सकते हैं आवेदन सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर को ठहराया वैध, चुनाव आयोग को दिया अधिकार अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने भी किया पलटवार, सैन्य ठिकानों पर किया हमला वैभव सूर्यवंशी बने IPL की नई ‘सिक्सर मशीन’, एक सीजन में 65 छक्का जड़ रचा इतिहास, क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ा IGNOU जुलाई 2026 सत्र के लिए एडमिशन प्रक्रिया शुरू, 15 जुलाई तक कर सकते हैं आवेदन सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर को ठहराया वैध, चुनाव आयोग को दिया अधिकार

गरीबी घटाने में बिहार और उत्तर प्रदेश सबसे आगे : RBI रिपोर्ट

यह आकलन आरबीआई का नहीं बल्कि इसके आरबीआई के चुनिंदा शोधकर्ताओं द्वारा किया गया है, जिसमें डाटा केंद्र सरकार के सांख्यिकि और क्रियान्वयन मंत्रालय के आकड़ो पर तैयार किया गया है

Published: 12:49pm, 26 Sep 2025

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने सितम्बर बुलेटिन रिपोर्ट(रिपोर्ट 2025) में बताया है कि वर्ष 2011-12 की तुलना में 2022-23 में देश में गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाली आबादी में बड़ी गिरावट आई है। आरबीआई के पूर्व गवर्नर सी रंगराजन की अध्यक्षता में गठित इस समिति की पद्धति पर आधारित इस आकलन रिपोर्ट के अनुसार गरीबी घटाने में बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और ओडिशा राज्यों ने काफी बेहतर प्रदर्शन किया है। जबकि गुजरात व महाराष्ट्र राज्य इस दौड़ में पिछड़ गए है।

रिपोर्ट के अनुसार, बिहार में ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी 40.1% से घटकर मात्र 5.9% रह गई जो कि 85.3% की कमी को दर्शाता है। जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 50.8% से घटकर 9.1% पर आ गई, जोकि 82.1 प्रतिशत की कमी को दर्शाता है। इसी तरह उत्तर प्रदेश में ग्रामीण गरीबी 38.1% से घटकर 5.7% और शहरी गरीबी 45.7% से घटकर 9.9% पर आ गई। मध्य प्रदेश और ओडिशा ने भी क्रमशः 78.6% और 82.9% गरीबी घटाने में सफलता हासिल की।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बिहार का प्रदर्शन महाराष्ट्र और गुजरात जैसे विकसित राज्यों से भी बेहतर रहा।

गरीबी घटाने की दर (2011-12 बनाम 2022-23)

  • बिहार : 85.3% की कमी
  • उत्तर प्रदेश : 85.0% की कमी
  • मध्य प्रदेश : 78.6% की कमी
  • ओडिशा : 82.9% की कमी
  • झारखंड : 71.9% की कमी

शोधकर्ताओं ने बताया कि वर्ष 2022-23 के लिए अलग अलग राज्यों में गरीबी का स्तर तय करने के लिए रंगराजन समिति के फार्मूले का ही इस्तेमाल कर हर राज्य के लिए गरीबी रेखा की राशि तय की है।

यह आकलन आरबीआई का नहीं बल्कि आरबीआई के चुनिंदा शोधकर्ताओं द्वारा किया गया है, जिसमें डाटा केंद्र सरकार के सांख्यिकि और क्रियान्वयन मंत्रालय के आकड़ो पर तैयार किया गया है।

Diksha