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DAP पर चीन की निर्भरता घटाएगा भारत-सऊदी समझौता, बढ़ेगी खाद सुरक्षा

इस समझौते के तहत हर साल 3.1 मिलियन मीट्रिक टन डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) खाद भारत को पांच साल तक सप्लाई की जाएगी

Published: 16:19pm, 15 Jul 2025

भारत और सऊदी अरब के बीच उर्वरक (फर्टिलाइज़र) क्षेत्र में एक बड़ा और अहम समझौता हुआ है। इससे न केवल देश की खाद सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि चीन पर निर्भरता भी कम होगी।

केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री जे.पी. नड्डा की सऊदी अरब यात्रा के दौरान सऊदी की प्रमुख खनन कंपनी मा’आदेन और भारत की तीन बड़ी कंपनियों आईपीएल, कृभको और सीआईएल के बीच एक दीर्घकालिक करार हुआ है। इसके तहत हर साल 3.1 मिलियन मीट्रिक टन डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) खाद भारत को पांच साल तक सप्लाई की जाएगी। यह समझौता आपसी सहमति से पांच साल और बढ़ाया जा सकता है।

डीएपी उर्वरक भारत में यूरिया के बाद सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है और अब तक इसकी आपूर्ति के लिए भारत काफी हद तक चीन पर निर्भर रहा है। लेकिन हाल के दिनों में कुछ देशों ने उर्वरक निर्यात को लेकर सख्ती दिखाई है। ऐसे में सऊदी अरब के साथ यह करार भारत के लिए काफी अहम माना जा रहा है।

एक अधिकारी ने बताया कि यह करार प्रधानमंत्री मोदी की जेद्दा यात्रा के बाद भारत-सऊदी रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में एक और मजबूत कदम है। दोनों देशों ने अब उर्वरक क्षेत्र में सहयोग को यूरिया जैसे अन्य खादों तक भी बढ़ाने की बात कही है।

इसके साथ ही, भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के सऊदी उर्वरक क्षेत्र में निवेश और सऊदी कंपनियों के भारत में निवेश पर भी चर्चा हुई है। इससे भविष्य में और गहरा सहयोग बनने की संभावना है।

YuvaSahakar Desk