राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में 68 विशिष्ट व्यक्तियों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया। इस अवसर पर बिहार की प्रसिद्ध लोक गायिका शारदा सिन्हा को कला के क्षेत्र में मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया, जिसे उनके पुत्र ने ग्रहण किया। इसके साथ ही प्रख्यात साध्वी ऋतंभरा को उनके सामाजिक योगदान के लिए पद्म भूषण प्रदान किया गया।
समारोह में उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इस वर्ष गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर कुल 139 व्यक्तियों को पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री सम्मानों के लिए चुना गया था। इनमें से 71 व्यक्तियों को 28 अप्रैल को आयोजित पहले समारोह में सम्मानित किया गया था, जबकि शेष 68 व्यक्तियों को मंगलवार को हुए इस समारोह में पुरस्कार प्रदान किए गए।
पद्म विभूषण से सम्मानित प्रमुख हस्तियां: डॉ. दुव्वुर नागेश्वर रेड्डी (चिकित्सा), न्यायमूर्ति (सेवानिवृत) श्री जगदीश सिंह खेहर (कानून), श्रीमती कुमुदिनी राजनकांत लखिया (नृत्य), लक्ष्मीनारायण सुब्रमण्यम (संगीत), एम. टी. वासुदेवन नायर (साहित्य, मरणोपरांत), ओसामु सुज़ुकी (उद्योग, मरणोपरांत), और शारदा सिन्हा (लोक संगीत, मरणोपरांत)।
पद्म भूषण से सम्मानित प्रमुख नाम: शोभना चंद्रकुमार (नृत्य और अभिनय), नल्ली कुप्पुस्वामी चेट्टी (व्यवसाय), कैलाश नाथ दीक्षित (पुरातत्व), जतिन गोस्वामी (नृत्य), अनंत नाग (अभिनय), साध्वी ऋतंभरा (सामाजिक कार्य), बिबेक देबरॉय (अर्थशास्त्र), और पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर जोशी (सार्वजनिक सेवा)।
पद्म श्री से सम्मानित प्रतिभाएं: डॉ. सोनिया नित्यानंद (प्रतिरक्षाविज्ञान), ई. मणि विजयन (फुटबॉल), अश्विनी भिडे देशपांडे (शास्त्रीय संगीत), अशोक लक्ष्मण सराफ (अभिनय), रेबा कांता महंत (मास्क निर्माण), और रिकी ज्ञान केज (संगीत)।
ये पुरस्कार विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण योगदान के लिए प्रदान किए गए, जो भारत की सांस्कृतिक, सामाजिक और वैज्ञानिक प्रगति को दर्शाते हैं।


