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कर्नाटक में बनेगी देश की पहली एआई यूनिवर्सिटी, सीएम डीके शिवकुमार का ऐलान

कर्नाटक सरकार ने भारत का पहला सरकारी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विश्वविद्यालय स्थापित करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने बेंगलुरु इंटरनेशनल एग्जीबिशन सेंटर में आयोजित गूगल आईओ कनेक्ट इंडिया 2026 के उद्घाटन समारोह में यह जानकारी दी। उन्होंने इसे कर्नाटक को जिम्मेदार, भरोसेमंद और समावेशी एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम बताया।

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Published: 18:44pm, 14 Jul 2026

कर्नाटक सरकार ने भारत का पहला सरकारी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विश्वविद्यालय स्थापित करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने बेंगलुरु इंटरनेशनल एग्जीबिशन सेंटर में आयोजित गूगल आईओ कनेक्ट इंडिया 2026 के उद्घाटन समारोह में यह जानकारी दी। उन्होंने इसे कर्नाटक को जिम्मेदार, भरोसेमंद और समावेशी एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम बताया।

प्रस्तावित एआई विश्वविद्यालय में विश्वस्तरीय विशेषज्ञ तैयार किए जाएंगे और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े अत्याधुनिक शोध को बढ़ावा दिया जाएगा। विश्वविद्यालय शिक्षा संस्थानों, उद्योग जगत, स्टार्टअप और सरकार के बीच सहयोग का मजबूत मंच बनेगा। यहां एआई आधारित नई तकनीकों और समाधानों के विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने एक समर्पित एआई हब स्थापित करने की भी घोषणा की। यह हब अनुसंधान एवं विकास के लिए इनक्यूबेशन सेंटर के रूप में काम करेगा, जहां स्टार्टअप, निजी कंपनियां, शैक्षणिक संस्थान और नवाचारकर्ता एक साथ मिलकर एआई समाधानों का विकास और परीक्षण कर सकेंगे।

शिवकुमार ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वर्तमान दौर की सबसे बड़ी तकनीकी क्रांतियों में से एक है। उन्होंने इसकी तुलना भाप इंजन, बिजली, इंटरनेट और मोबाइल तकनीक जैसी ऐतिहासिक खोजों से की। उन्होंने बताया कि भारत के कुल सॉफ्टवेयर निर्यात में कर्नाटक की हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत है, जबकि बंगलूरू में 17 हजार से अधिक स्टार्टअप और हजारों ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर सक्रिय हैं।

राज्य सरकार कर्नाटक को एआई-नेटिव राज्य के रूप में विकसित करना चाहती है। इसके तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, प्रशासन और सार्वजनिक सेवाओं में एआई का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा। इससे शिक्षकों को बेहतर शिक्षण, डॉक्टरों को रोगों की शीघ्र पहचान, किसानों को सटीक सलाह और नागरिकों को तेज सरकारी सेवाएं मिल सकेंगी।

मुख्यमंत्री ने गूगल से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और सुशासन के क्षेत्रों में साझेदारी मजबूत करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि कर्नाटक तकनीक के भविष्य को दिशा देने के साथ यह भी सुनिश्चित करेगा कि एआई का विकास जिम्मेदार, सुरक्षित और सभी के लिए लाभकारी हो।

Jitendra