मोहाली। स्ट्राइकर शिलानंद लाकरा, सुखजीत सिंह और दिल प्रीत सिंह की त्रिमूर्ति ने अपने कप्तान हरमनप्रीत सिंह के लंबे एरियल पास व स्लैप शॉट के साथ आक्रामक सेंटर हाफ विवेक सागर प्रसाद व हार्दिक सिंह द्वारा बराबर आगे बढ़ाई गेंद पर डी में पहुंच कर खुद गोल करने के साथ बराबर भारत को पेनल्टी कॉर्नर दिला दक्षिण कोरिया के गोल पर दबाव बना बुधवार को सेमीफाइनल में उसका किला बार बार बिखेरा। शिलानंद लाकरा व मैन ऑफ द मैच दिलप्रीत सिंह के दो-दो, सुखजीत सिंह, कप्तान हरमनप्रीत सिंह, अंगदबीर सिंह व विवेक सागर प्रसाद के एक-एक गोल से भारत ने फिर गोल की बारिश करते हुए दक्षिण कोरिया को पुरुष एशियन चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी 2026 पंजाब में 8-1 से हरा कर फाइनल में स्थान बना लिया। दक्षिण कोरिया के लिए इकलौता गोल सांगजुन हान ने किया।
भारत ने दक्षिण कोरिया को जालंधर में अपने आखिरी रॉउंड रॉबिन लीग मैच में सोमवार को भी 8-0 से करारी शिकस्त दी थी। मौजूदा और पांच बार का चैंपियन भारत बृहस्पतिवार को फाइनल में भी जापान को यहां ओलंपियन सरदार बलबीर सिंह अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में हरा खिताब जीतने का छक्का जड़ने उतरेगा। अभिषेक नैन के दो गोल से भारत ने जालंधर में जापान को राउंड रॉबिन लीग मैच में 4-1 से हराया था। जापान ने मलेशिया को पहले सेमीफाइनल में निर्धारित समय में गोलरहित बराबरी के बाद शूटआउट में 5-3 से हराया। दक्षिण कोरिया और मलेशिया बृहस्पतिवार को कांसे के लिए भिड़ेंगे। चीन ने बांग्लादेश को 3-1 से हरा पांचवां स्थान पाया।
भारत ने दक्षिण कोरिया के खिलाफ सेमीफाइनल में बुधवार को अपने स्टार स्ट्राइकर अभिषेक नैन का नाम खिलाड़ियों की मैच शीट में रखा लेकिन उन्हें मैदान पर एक मिनट के लिए भी नहीं उतारा। भारत के चीफ कोच क्रेग फुल्टन अभी भी उन्हें फाइनल में उतारने की हड़बड़ी में नहीं दिखाई देते। शिलानंद लाकरा ने डी में मची भगदड़ में दिलप्रीत सिंह द्वारा बढ़ाई गेंद पर दक्षिण कोरिया के गोलरक्षक जाईहयुन किम को छका चौथे मिनट में गोल कर भारत का खाता खोला। हरमनप्रीत सिंह के स्लैप शॉट पर डी में पहंच कर सुखजीत सिंह ने बस हॉकी लगाई पर गेंद गोल की बल्ली से टकरा कर बाहर निकल आई। अंगदबीर सिंह ने नीलकांत शर्मा से मिली गेंद को संभाल कर अगले मिनट डी में घुसने की कोशिश पर मिले पहले पेनल्टी कॉर्नर पर जुगराज सिंह ने तेज फ्लिक पर गेंद को गोल से बाहर मार दिया। सांगजुन हान ने ताइमिन सोन द्वारा डी के बाहर से जमाए शॉट पर गेंद संभाल कर दक्षिण कोरिया को एक-एक गोल की बराबरी दिला दी।
कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने जवाबी हमले पर मिले अगले ही क्षण मिले मैच के दूसरे पेनल्टी कॉर्नर पर गोल कर भारत को 2-1 से आगे कर दिया। दक्षिण कोरिया ने इस पर रिव्यू लिया लेकिन यह बेकार गया। 12 वें मिनट में तीसरे पेनल्टी कॉर्नर पर गेंद हरमनप्रीत सिंह के डैग फ्लिक पर गेंद गोलरक्षक जाईहयुन किम के दस्ताने से लग कर नीचे गिरी गेंद को वहीं खड़े शिलानंद लाकरा ने लपक कर गोल में डाल मैच का अपना दूसरा गोल कर भारत की बढ़त 3-1 कर दी। विवेक सागर प्रसाद द्वारा बीच मैदान दिए पास पर सुखजीत सिंह ने डी में पहुंच कर गेंद को संभाल गोल कर भारत को 21वें मिनट में 4-1 से और अगले ही क्षण अंगदबीर सिंह के पास पर दिलप्रीत सिंह ने गोल कर भारत को 5-1 से आगे कर दिया। कप्तान हरमनप्रीत सिंह के स्लैप शॉट पर बाएं डी में खड़े दिलप्रीत सिंह ने संभाली और तेजी से गोल में पुश कर मैच का अपना दूसरा गोल कर मैच के 26 वें मिनट में भारत की बढ़त 6-1 कर दी। हाफ टाइम तक स्कोर यही रहा।
31वें मिनट में दक्षिण कोरिया के मैदान पर 12 खिलाड़ियों के होने पर उसके कप्तान यंग बोक किम को पीला कार्ड दिखा कर पांच मिनट के लिए मैदान से बाहर भेज दिया गया। मैदान पर उसके दस खिलाड़ी ही रह गए। मैच के 36वें मिनट में अमित रोहिदास के समानांतर पास पर डी में पहुंच कर गेंद संभाल तेज शॉट जमाया और गेंद दक्षिण कोरिया के गोलरक्षक जईहयुन किम के पैड से लगकर लौटती और इसे वहीं डी में खड़े अंगदबीर सिंह ने संभाला और तेजी से फ्लिक कर गोल में डाल भारत की बढ़त 7-1 कर दी। अमनदीप लाकरा द्वारा बाएं से बढ़ाई गेंद पर खुद डी में पहुंच कर विवेक सागर प्रसाद ने रिवर्स वॉली जमा गोल कर भारत को मैच के 54 वें मिनट में 8-1 से आगे कर दिया अैर यह मैच का आखिरी गोल साबित हुआ।
जापान के खिलाफ फाइनल में कोशिश तेज आगाज कर बढ़त बनाने की: फुल्टन
भारत के चीफ क्रेग फुल्टन ने कहा, ‘हमारी भारतीय टीम का दक्षिण कोरिया के खिलाफ सेमीफाइनल में पहले हाफ में बनाया दबदबा जीत में निर्णायक साबित हुआ। पहला हाफ हमारे लिए बहुत बढ़िया रहा और इसमें हमने दक्षिण कोरिया पर बहुत दबाव डाला। पहले हाफ के साथ तीसरे क्वॉर्टर में हमने गोल करने के बहुत मौके बनाए लेकिन साथ ही बहुत मौके चूके भी। मेरा मानना था कि पहले हाफ में दक्षिण कोरिया को पस्त कर देना बढ़िया रहा। जापान की टीम बढ़िया खेल रही है और उसके खिलाफ फाइनल आसान नहीं होगा। साथ ही हम बढ़िया गोल कर दबाव बना कर रहे हैं। जापान के खिलाफ फाइनल में हमारी निगाहें तेज आगाज कर बढ़त हासिल कर दबाव बनाने पर रहेगी। जापान के खिलाफ फाइनल में हमारा कोशिश मौकों को भुनाने के साथ अपने किले की मजबूत चौकसी पर रहेगी। फाइनल जीतने के हमें बेसिक्स और स्ट्रक्चर पर बने रह कर बढ़िया खेल दिखाना होगा। अच्छे स्ट्रक्चर के साथ ही हम बढ़िया खेल सकते हैं। हम बराबर अलग अलग टीमों के साथ अलग रणनीति बना कर उतरते हैं। अभिषेक की चोट के चलते हमारे पास एक खिलाड़ी कम है। ऐसे में जापान के खिलाफ हम यह सुनिश्चित करेंगे हकि अपनी ताकत को बचा कर रखते हुए पहले हाफ में दबदबा बनाए और इसे आगे भी जारी रखे। दरअसल अभी भी पूरी तरह फिट होने के करीब हैं लेकिन पूरी तरह फिट हुए नहीं हैं। मैं बतौर चीफ कोच अभिषेक को चोट से उबरने के लिए और वक्त देना चाहूंगा। हम उन्हें मैदान पर खेलने के लिए उतारने के लिए कोई हड़बड़ी नहीं करना चाहते। जहां तक उन्हें जापान के खिलाफ फाइनल में खेलने उतारने की बात है तो वह बेशक टीम में हैं अब हम देखते हैं कि क्या होता है।’


