भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नवीनतम Statement of Position of Scheduled Banks in India के अनुसार, 30 सितंबर 2026 तक अनुसूचित सहकारी बैंकों का फूड क्रेडिट बकाया ₹52,074 करोड़ रहा। यह आंकड़ा पिछले पखवाड़े के स्तर से अपरिवर्तित है।
इसी अवधि में अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों का फूड क्रेडिट बकाया ₹96,286.36 करोड़ दर्ज किया गया, जबकि 15 सितंबर 2026 को यह ₹1,09,721.49 करोड़ था। इससे वाणिज्यिक बैंकों के फूड क्रेडिट में पखवाड़े के दौरान कमी दिखाई देती है।
RBI के आंकड़ों के अनुसार, अनुसूचित सहकारी बैंकिंग क्षेत्र में 26 अनुसूचित राज्य सहकारी बैंक और 55 अनुसूचित प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक शामिल हैं। वहीं, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक और पेमेंट्स बैंक सहित अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की कुल संख्या 120 रही।
फूड क्रेडिट मुख्य रूप से खाद्यान्न खरीद और उससे जुड़ी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस दृष्टि से सहकारी बैंकों का ₹52,074 करोड़ का स्थिर फूड क्रेडिट बकाया कृषि खरीद व्यवस्था में उनकी निरंतर भागीदारी को दर्शाता है।
सहकारी बैंक ग्रामीण और कृषि अर्थव्यवस्था से निकटता के कारण खाद्यान्न खरीद तंत्र में एक महत्वपूर्ण वित्तीय कड़ी बने हुए हैं। RBI के ताजा आंकड़े यह संकेत देते हैं कि समीक्षाधीन पखवाड़े में सहकारी बैंकिंग क्षेत्र का फूड क्रेडिट एक्सपोजर स्थिर बना रहा, जबकि वाणिज्यिक बैंकों में इसमें उल्लेखनीय बदलाव दर्ज किया गया।


