जंतर-मंतर के हालिया प्रदर्शनों से प्रेरित होकर बरेली के 27 वर्षीय आईटी प्रोफेशनल सूरज कुशवाहा ने ‘जंतर मंतर चलो’ नामक व्यंग्यात्मक वीडियो गेम बनाया है। इसमें विरोध प्रदर्शन, पुलिस की घेराबंदी और धरनास्थल तक पहुंचने की चुनौतियों को आभासी दुनिया में पेश किया गया है।
इस 3D गेम में खिलाड़ी आंदोलनकारी या दिल्ली पुलिस की भूमिका चुन सकते हैं। आंदोलनकारी बनने पर लोगों को जोड़कर काफिला बढ़ाना, बैरिकेड्स पार करना और पुलिस तथा आंसू गैस से बचते हुए जंतर-मंतर पहुंचना लक्ष्य होता है। वहां पहुंचकर खिलाड़ी को लंबे समय तक धरना जारी रखना होता है।
पुलिस की भूमिका में खिलाड़ियों का उद्देश्य प्रदर्शनकारियों को रोकना है। इसके लिए गेम में लाठी, आंसू गैस और हिरासत में लेकर पुलिस बस में बैठाने जैसे विकल्प हैं। अस्थायी हिरासत केंद्र, मीडिया और इंटरनेट बंद होने जैसी परिस्थितियां भी खेल का हिस्सा हैं।
सूरज वनप्ले में देवऑप्स इंजीनियर हैं। इंस्टाग्राम पर ‘बग्सराइटर’ नाम से सक्रिय सूरज लिनक्स पर केंद्रित यूट्यूब चैनल भी चलाते हैं। उनके मुताबिक, प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने के लिए अलग-अलग रास्ते अपनाते देखकर गेम का विचार आया। उन्होंने इसे ‘डार्क ह्यूमर’ से प्रेरित रचना बताया।
कॉलेज में गेम डिजाइन पढ़ चुके सूरज ने कुछ कोडिंग के लिए एआई और कलात्मक डिजाइन के लिए अन्य उपकरणों की मदद ली। हालांकि, उनके अनुसार गेमप्ले की अवधारणा और डिजाइन उनके अपने हैं, जिनकी प्रेरणा ‘स्लिदर’ से मिली। सोशल मीडिया पर इसकी रील वायरल होने के बाद गेम ने लोगों का ध्यान खींचा। इसमें कई खिलाड़ी ऑनलाइन एक साथ भी खेल सकते हैं।


