बुढ़ाते स्ट्राइकर मंदीप सिंह, मिडफील्डर मनप्रीत सिंह, फुलबैक अमित रोहिदास, जर्मनप्रीत सिंह व गोलरक्षक सूरज करकेरा का विश्व कप में आठवें स्थान पर रहने और भारत के एशियाई खेलों स्वर्ण पदक जीतने के बावजूद प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा था और इन सभी के टीम में बने रहने पर सवालिया निशान था। हालांकि चीफ कोच क्रेग फुल्टन ने भारत के एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के बाद यह कहा था कि उनकी निगाह 2028 के लिए भारत की नई टीम बनाने पर है। एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में बूढ़े शेरों पर भरोसा करने से यही लगता है कि भारतीय टीम के चयन में पंजाब के एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी करने को तवज्जो दे उसके करीब आधा दर्जन बुढ़ाते खिलाड़ियों को टीम में बरकरार रखा। 2028 के लॉस एंजेल्स ओलंपिक तक इन बुढ़ाते और मैदान पर जूझते बूढ़े शेरों पर भरोसा करने से यही लगा कि चीफ कोच फुल्टन की एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के लिए टीम के चयन में नहीं चली है।
एशियाई खेलों के लिए रिजर्व खिलाड़ी के रूप में शामिल हरियाणा के डिफेंसिव मिडफील्डर यशदीप सिवाच और फ्रीमैन सुमित और राजकुमार पाल को एशियन चैंपियंस के लिए टीम से बाहर कर दिया गया है। पांच बार खिताब एशियन चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाला भारत बेशक अपना खिताब बरकरार रखना चाहता है कि यही टूर्नामेंट है जिसमें वह अरिजित सिंह हुंदल, उत्तम सिंह को सीनियर टीम में मौका दिया जा सकता है। एशियाई खेलों में पाकिस्तान के खिला आखिरी मिनट में अभिषेक नैन के गोल से भारत जैसे तैसे भले ही जीत गया लेकिन उस मैच जिस तरह मनप्रीत सिंह, मंदीप सिंह, अमित रोहिदास, जर्मनप्रीत सिंह व गोलरक्षक सूरज करकेरा थके नजर आए उससे एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भारतीय टीम में जगह कतई नहीं बनती थी।
रिजर्व खिलाड़ी : विष्णुकांत सिंह, अंगद बीर सिंह।पुरुष एशियन चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी में भारत अपने अभियान का आगाज 27 अक्टूबर को जालंधर में पाकिस्तान की जगह आखिरी समय में शामिल बांग्लादेश के खिलाफ मैच से करेगा। लीग मैच 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम, जालंधर में खेले जाएंगे। उदघाटन समारोह 27 अक्टूबर ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम, जालंधर में खेले जाएंगे। सेमीफाइनल 4 नवंबर को और फाइनल और तीसरे स्थान का मैच 5 नवंबर को ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर स्टेडियम में होगा।


