वैकुंठ मेहता राष्ट्रीय सहकारी प्रबंधन संस्थान (VAMNICOM), पुणे ने केंद्रीय सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार (CRCS), सहकारी चुनाव प्राधिकरण (CEA) और सहकारी लोकपाल के अधिकारियों के लिए चार दिवसीय प्रशिक्षण एवं अध्ययन भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया।
केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का विषय ‘बहुराज्यीय सहकारी समिति अधिनियम, 2002 सहित सहकारी व्यवसाय मॉडल’ था। इसका उद्देश्य अधिकारियों को सहकारी संस्थाओं के प्रबंधन, वित्तीय संचालन, प्रशासनिक व्यवस्था और नियामकीय प्रावधानों की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
कार्यक्रम का उद्घाटन VAMNICOM एवं CICTAB के निदेशक डॉ. सुवा कांता मोहंती ने किया। उन्होंने सहकारी संस्थाओं की दीर्घकालिक सफलता के लिए पारदर्शी प्रशासन, पेशेवर प्रबंधन, जवाबदेही और सदस्य-केंद्रित कार्यप्रणाली को आवश्यक बताया।
कार्यक्रम निदेशक डॉ. डी. रवि ने कहा कि कक्षा प्रशिक्षण के साथ संस्थागत भ्रमण अधिकारियों को सहकारी व्यवसाय मॉडल और परिचालन चुनौतियों को समझने में मदद करेगा।
प्रमुख सहकारी संस्थाओं का अध्ययन भ्रमण
चार दिवसीय कार्यक्रम में अधिकारियों ने कॉसमॉस कोऑपरेटिव बैंक, सारस्वत कोऑपरेटिव बैंक, तुलजाभवानी अर्बन मल्टीस्टेट कोऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटी, शिवसह्याद्री सहकारी पतपेढ़ी, इफको, अन्नपूर्णा परिवार और कात्रज डेयरी सहित विभिन्न संस्थाओं का दौरा किया। विशेषज्ञ सत्रों में बहुराज्यीय सहकारी समिति अधिनियम, लेखापरीक्षा, वित्तीय प्रबंधन और नियामकीय अनुपालन पर चर्चा हुई।
समापन सत्र में प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और सहकारी संस्थाओं में सदस्य-केंद्रित प्रशासन, पारदर्शिता, वित्तीय स्थिरता तथा जवाबदेही बढ़ाने के लिए कार्ययोजनाएं प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. डी. रवि के मार्गदर्शन में हुआ, जबकि डॉ. अमित बोरकर और डॉ. अरविंद दर्शना ने अध्ययन भ्रमण का समन्वय किया।


