देश की रक्षा आपूर्ति व्यवस्था में सहकारी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नेफेड) वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों को ‘भारत चावल’ की आपूर्ति करेगा। इस पहल का शुभारंभ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी ने किया।
इस व्यवस्था के तहत लद्दाख और पूर्वोत्तर के दुर्गम क्षेत्रों सहित विभिन्न सैन्य आपूर्ति डिपो तक निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप चावल पहुंचाया जाएगा। चावल की मिलिंग रक्षा सेवाओं की आवश्यकताओं के अनुसार होगी और गुणवत्ता जांच के बाद नेफेड के माध्यम से आपूर्ति की जाएगी।
परिवहन और भंडारण की सुविधा के लिए चावल की पैकिंग 10 और 30 किलोग्राम के बैग में की जाएगी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत चावल किसानों के खेतों से सैनिकों की थाली तक विश्वास का संबंध स्थापित करता है। यह पहल ‘जय जवान, जय किसान’ की भावना को साकार करती है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक युद्ध में सैन्य तैयारियां केवल हथियारों और तकनीक तक सीमित नहीं हैं, बल्कि मजबूत आपूर्ति व्यवस्था, भंडारण और समय पर संसाधनों की उपलब्धता भी महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर भारतीय सेना और भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के बीच पांच वर्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इसके अंतर्गत परिचालन संबंधी आपात परिस्थितियों में सेना एफसीआई के चिह्नित गोदामों, भंडारण सुविधाओं, कर्मचारियों और माल प्रबंधन उपकरणों का उपयोग कर सकेगी करीब 18 महीने के समन्वित प्रयासों से तैयार यह पहल सैन्य रसद व्यवस्था मजबूत करने के साथ कृषि और सहकारिता क्षेत्र को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


