भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु ने ‘एडवांसेज इन जेनेटिक इंजीनियरिंग’ (Advances in Genetic Engineering) ऑनलाइन शॉर्ट टर्म कोर्स के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह कार्यक्रम 30 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। संस्थान के सेंटर फॉर कंटिन्यूइंग एजुकेशन की ओर से संचालित इस कोर्स का उद्देश्य प्रतिभागियों को जेनेटिक इंजीनियरिंग के सिद्धांतों और इस क्षेत्र में हो रही नवीनतम प्रगति की जानकारी देना है। इच्छुक उम्मीदवार 10 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
यह 16 घंटे का प्रशिक्षण कार्यक्रम ऑनलाइन लाइव कक्षाओं के माध्यम से आयोजित किया जाएगा। इसमें मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स, जीन रेगुलेशन, जीनोम एडिटिंग, जीन थेरेपी और मानव रोगों के अध्ययन के लिए ट्रांसजेनिक मॉडल विकसित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। कोर्स की कुल फीस 11,800 रुपये निर्धारित की गई है, जिसमें 18 प्रतिशत जीएसटी शामिल है।
इस कार्यक्रम के लिए विज्ञान विषय में स्नातक डिग्री प्राप्त उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। वर्तमान में डिग्री की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थी भी आवेदन के पात्र हैं। हालांकि, उम्मीदवारों के पास जीव विज्ञान (बायोलॉजी) का बुनियादी ज्ञान होना आवश्यक है। यह कोर्स स्नातक, स्नातकोत्तर, पीएचडी और पोस्ट-डॉक्टोरल विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों और उद्योग जगत के पेशेवरों के लिए तैयार किया गया है।
बायोफार्मास्यूटिकल्स, सेल एवं जीन थेरेपी, वैक्सीन विकास, कॉन्ट्रैक्ट रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (CRO) और कृषि जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में काम करने वाले पेशेवर भी इस कार्यक्रम से लाभ उठा सकते हैं। इसके अलावा क्लिनिकल रिसर्चर, पैथोलॉजिस्ट और रोगों के मॉडल विकसित करने वाले बायोइंजीनियर के लिए भी यह कोर्स उपयोगी हो सकता है।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. एन. रवि सुंदरासन करेंगे, जो भारतीय विज्ञान संस्थान के माइक्रोबायोलॉजी एवं सेल बायोलॉजी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर हैं। उनका शोध मुख्य रूप से हार्ट फेल्योर, कार्डियक हाइपरट्रॉफी और मेटाबॉलिक बीमारियों के पीछे काम करने वाले आणविक तंत्रों पर केंद्रित है। जेनेटिक इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उन्नत जानकारी प्राप्त करने के इच्छुक उम्मीदवार 10 नवंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।


