केंद्रीय सहकारिता एवं नागर विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश का सहकारिता क्षेत्र तेजी से सशक्त, आधुनिक और व्यापक हो रहा है। वे कर्नाटक के बेलगावी जिले में श्री बीरेश्वर को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड के नए प्रधान कार्यालय के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि पिछले लगभग पांच वर्षों में सहकारिता क्षेत्र में 160 से अधिक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। करीब 80 हजार प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) के कम्प्यूटरीकरण पर लगभग 3 हजार करोड़ रुपये का कार्य शुरू किया गया है। गांव स्तर की सहकारी संस्थाओं को 25 से अधिक प्रकार की व्यावसायिक गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय और आर्थिक गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है।
मोहोल ने बताया कि किसानों के लिए तैयार किए गए व्यापक सहकारी इकोसिस्टम के तहत तीन राष्ट्रीय स्तर की मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटियों से करीब 70 हजार सहकारी संस्थाएं जुड़ चुकी हैं। देश के 1,500 से अधिक अर्बन कोऑपरेटिव बैंकों की सहायता के लिए NUCFDC के रूप में अम्ब्रेला ऑर्गनाइजेशन स्थापित किया गया है जबकि ग्रामीण सहकारी बैंकों के लिए ‘सहकार सारथी’ प्लेटफॉर्म विकसित किया गया है।
उन्होंने कहा कि अगले 10 वर्षों में सहकारिता क्षेत्र को लगभग 17 लाख प्रशिक्षित मानव संसाधन की आवश्यकता होगी। इसके लिए ‘त्रिभुवन’ सहकारी यूनिवर्सिटी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। श्वेत क्रांति, सहकार बीमा और भारत टैक्सी जैसे नए उपक्रम भी सहकारिता का दायरा बढ़ा रहे हैं।
मोहोल ने बताया कि श्री बीरेश्वर को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी के लगभग 4.60 लाख सदस्य, देशभर में 263 शाखाएं और 9 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार है।


