उत्तर प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश सरकार ने 14 नए राजकीय नर्सिंग कॉलेज खोलने की मंजूरी दी है। प्रत्येक कॉलेज में बीएससी नर्सिंग की 60 सीटें होंगी। इस तरह प्रदेश में करीब 840 नई बीएससी नर्सिंग सीटें बढ़ जाएंगी। इन कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र 2027-28 से पढ़ाई शुरू करने की तैयारी है।
प्रदेश सरकार ने हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज की तर्ज पर धीरे-धीरे हर जिले में नर्सिंग कॉलेज स्थापित करने की रणनीति बनाई है। वर्तमान में प्रदेश के 23 सरकारी कॉलेजों में बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई हो रही है, जहां करीब 1,400 सीटें उपलब्ध हैं। इसके अलावा 235 निजी नर्सिंग कॉलेजों में करीब 11 हजार सीटें हैं।
नए राजकीय नर्सिंग कॉलेजों का संचालन संबंधित स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालयों के माध्यम से किया जाएगा। इनके संचालन की जिम्मेदारी मेडिकल कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को दी गई है। शासन ने सभी प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए हैं कि पाठ्यक्रम शुरू करने से पहले नियामक संस्थाओं द्वारा तय मानकों, आवश्यक ढांचे, फैकल्टी और अन्य शैक्षणिक व्यवस्थाओं को पूरा किया जाए।
सरकार की योजना के तहत मिर्जापुर, हरदोई, प्रतापगढ़, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, अमेठी, सुल्तानपुर, एटा, गाजीपुर, सोनभद्र, कौशांबी, ललितपुर, लखीमपुर खीरी और बिजनौर सहित चयनित जिलों में नए नर्सिंग कॉलेज शुरू किए जाने हैं।
विभागीय स्तर पर आने वाले समय में अन्य स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में भी नर्सिंग कॉलेज खोलने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है। इससे प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा का दायरा बढ़ने के साथ सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थानों के लिए प्रशिक्षित नर्सिंग पेशेवरों की उपलब्धता भी बढ़ेगी।


