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नौकरी में फर्जी डिग्री पर लगेगी लगाम, APAAR से होगा दस्तावेजों का सत्यापन

छात्रों के लिए बनाई गई APAAR ID अब केवल पढ़ाई और शैक्षणिक रिकॉर्ड तक सीमित नहीं रहेगी, पढ़ाई पूरी होने के बाद नौकरी के दौरान भी इसका उपयोग किया जा सकेगा

From Education to Employment: APAAR ID to Support Digital Degree Verification


Published: 11:07am, 18 Sep 2026

छात्रों के लिए बनाई गई APAAR ID अब केवल पढ़ाई और शैक्षणिक रिकॉर्ड तक सीमित नहीं रहेगी। पढ़ाई पूरी होने के बाद नौकरी के दौरान भी इसका उपयोग किया जा सकेगा। शिक्षा मंत्रालय ने APAAR पोर्टल की प्राइवेसी पॉलिसी अपडेट की है, जिसके तहत छात्र की सहमति मिलने पर अधिकृत नियोक्ता उसके शैक्षणिक दस्तावेजों का डिजिटल सत्यापन कर सकेंगे।

APAAR में छात्रों की मार्कशीट, ग्रेड शीट, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट और अन्य शैक्षणिक उपलब्धियों का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहता है। नई व्यवस्था के तहत नौकरी के लिए आवेदन करने वाला उम्मीदवार अपने आवेदन या सीवी में APAAR ID दे सकेगा। हालांकि केवल ID मिलने से नियोक्ता को छात्र का पूरा एकेडमिक रिकॉर्ड देखने की अनुमति नहीं मिलेगी।

डॉक्यूमेंट सत्यापन के लिए नियोक्ता को पहले वेरिफायर के रूप में रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके बाद वह संबंधित छात्र के किसी विशेष दस्तावेज, जैसे डिग्री या मार्कशीट, के सत्यापन की रिक्वेस्ट भेज सकेगा। इसकी सूचना छात्र को मिलेगी और छात्र OTP या ई-साइन के माध्यम से अनुमति दे सकेगा। सहमति मिलने के बाद ही संबंधित रिकॉर्ड नियोक्ता के लिए उपलब्ध होगा। छात्र सत्यापन अनुरोध को स्वीकार या अस्वीकार भी कर सकेगा।

इस व्यवस्था से भर्ती प्रक्रिया में शैक्षणिक प्रमाण-पत्रों की जांच आसान हो सकती है। उम्मीदवार द्वारा बताई गई डिग्री, संस्थान और अन्य योग्यताओं की डिजिटल पुष्टि होने से फर्जी या गलत शैक्षणिक दस्तावेजों पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है।

नई प्राइवेसी पॉलिसी में थर्ड पार्टी क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर्स के उपयोग का भी उल्लेख है। ऐसे में डेटा सुरक्षा और साइबर सुरक्षा महत्वपूर्ण पहलू रहेंगे। APAAR आधारित रोजगार सत्यापन व्यवस्था की विश्वसनीयता इस बात पर निर्भर करेगी कि छात्रों के निजी और शैक्षणिक रिकॉर्ड की सुरक्षा कितनी प्रभावी ढंग से सुनिश्चित की जाती है।

Jitendra