Trending News

भारत ने चीन को 1-0 से हराकर जूनियर विमेंस एशिया कप 2026 का खिताब जीत लिया BRICS 2026 के पहले दिन 'नई दिल्ली घोषणापत्र' को अपनाया गया यूपी सैनिक स्कूल में प्रवेश के लिए आवेदन शुरू, 25 अक्टूबर तक भर सकेंगे फॉर्म यूपी सरकार का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 14 IAS और 34 PCS अफसरों के तबादले भारत ने चीन को 1-0 से हराकर जूनियर विमेंस एशिया कप 2026 का खिताब जीत लिया BRICS 2026 के पहले दिन 'नई दिल्ली घोषणापत्र' को अपनाया गया यूपी सैनिक स्कूल में प्रवेश के लिए आवेदन शुरू, 25 अक्टूबर तक भर सकेंगे फॉर्म यूपी सरकार का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 14 IAS और 34 PCS अफसरों के तबादले

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने कंपार्टमेंट और इंप्रूवमेंट परीक्षा के 400 विद्यार्थियों का रिजल्ट रोका

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की कंपार्टमेंट और इंप्रूवमेंट परीक्षा 2026 में अनुचित तरीके अपनाने वाले 400 से अधिक परीक्षार्थियों का परिणाम रोक दिया है

Published: 11:27am, 14 Sep 2026

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की कंपार्टमेंट और इंप्रूवमेंट परीक्षा 2026 में अनुचित तरीके अपनाने वाले 400 से अधिक परीक्षार्थियों का परिणाम रोक दिया है। इन छात्रों की उत्तरपुस्तिकाओं में 100, 200 और 500 रुपये के नोट पाए गए थे। बोर्ड ने इस तरह की कोशिश को अनुचित साधनों के इस्तेमाल की श्रेणी में रखते हुए कार्रवाई शुरू की है।

परीक्षा 28 जुलाई को आयोजित की गई थी। इस बार मूल्यांकन प्रक्रिया में तकनीकी बदलाव करते हुए उत्तरपुस्तिकाओं की डिजिटल स्कैनिंग कराई गई। कॉपियां प्रयागराज के राजकीय इंटर कॉलेज में मंगाई गईं जहां उन्हें स्कैन कर ऑनलाइन मूल्यांकन के लिए उपलब्ध कराया गया। शिक्षकों ने फिजिकल कॉपियों के बजाय कंप्यूटर और लैपटॉप पर उत्तरपुस्तिकाएं जांचीं।

स्कैनिंग के दौरान कई उत्तरपुस्तिकाओं में करेंसी नोट मिलने का मामला सामने आया। संबंधित कॉपियों को अलग कर दिया गया और अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई। उत्तरपुस्तिकाओं से 20 हजार रुपये से अधिक की नकदी बरामद हुई। बोर्ड ने इस राशि को जब्त कर सरकारी राजकोष में जमा करा दिया है।

यूपी बोर्ड के अनुसार उत्तरपुस्तिकाओं में पैसे रखकर मूल्यांकन को प्रभावित करने की कोशिश को अब गंभीर अनुचित साधन माना जाएगा। डिजिटल स्कैनिंग के कारण ऐसे मामलों की पहचान भी आसान हुई है।

रिजल्ट रोके जाने के बाद संबंधित जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षकों यानी DIOS के माध्यम से छात्रों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। सभी परीक्षार्थियों को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा। इसके बाद यूपी बोर्ड की उच्च स्तरीय परीक्षा समिति मामले की जांच कर अंतिम फैसला लेगी और यह तय करेगी कि संबंधित परीक्षार्थियों के परिणाम और परीक्षा रिकॉर्ड पर क्या कार्रवाई की जाए।

Jitendra