नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने कहा है कि NEET परीक्षा को जल्द ही कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट यानी CBT मोड में आयोजित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता वाली हाई-पावर टास्क फोर्स भी परीक्षा व्यवस्था में तकनीकी सुधार और सुरक्षा बढ़ाने पर काम कर रही है।
अभिषेक सिंह के अनुसार JEE, SSC, CUET और NIFT जैसी कई परीक्षाएं पहले से CBT मोड में आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में NTA की सभी प्रमुख परीक्षाओं को कंप्यूटर आधारित प्रणाली में लाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
NTA परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए डेटा, लॉग और एनालिटिक्स का उपयोग बढ़ाने की भी तैयारी कर रहा है। एजेंसी का लक्ष्य ऐसी व्यवस्था विकसित करना है जिसमें नकल, तकनीकी गलती और संचालन संबंधी समस्याओं की संभावना कम से कम हो।
NTA ने संकेत दिया है कि देश में अपनी परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने के बाद वह भविष्य में अन्य देशों और वैश्विक संस्थानों के लिए भी परीक्षाएं आयोजित करने की संभावनाएं तलाश सकता है।
परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए केंद्र सरकार ने जुलाई में नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में एक हाई-पावर टास्क फोर्स गठित की थी। इसमें पूर्व इंटेलिजेंस ब्यूरो निदेशक तपन डेका, पूर्व इसरो चेयरमैन एस. सोमनाथ, IIT मद्रास के निदेशक वी. कामकोटि, पूर्व शिक्षा सचिव अनिता करवाल और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा को शामिल किया गया है।
यह पहल NEET परीक्षा से जुड़े पेपर लीक के आरोपों और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर उठे सवालों के बाद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। NTA अब तकनीक आधारित परीक्षा प्रणाली के जरिए सुरक्षा, निगरानी और पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दे रहा है।


