आक्रामक सेंटर हाफ कप्तान सलीमा टेटे की अगुआई और चीफ कोच शुएर्ड मराइन के मार्गदर्शन वाली भारतीय महिला हॉकी टीम ऑस्ट्रेलिया से पूल ई में दूसरे चरण का अहम मैच गजब का जीवट दिखाने और गोल करने के मौके गंवाने के चलते गोलरहित ड्रॉ खेल दूसरे स्थान की होड़ में पिछड़ कर हॉकी विश्व कप के सेमीफाइनल में स्थान बनाने से चूक गई। भारतीय टीम पूल डी में शीर्ष पर रहने वाली चीन से अपना मैच दो दो से ड्रॉ रहने के चलते उसकी तरह एक अंक के साथ दूसरे चरण में पूल ई में पहुंची थी।
भारत के चीफ कोच शुएर्ड मराइन ने कहा, ‘हमारी टीम ने पूल ई में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पूल डी मे चीन और इंग्लैंड के खिलाफ मैच सहित तीन मैच ड्रॉ खेले, दक्षिण अफ्रीका से इकलौता मैच जीता व ओलंपिक व विश्व कप चैंपियन नीदरलैंड से हारे। हम गोल करने के मौके नहीं भुना पाने के चलते बहुत करीब से सेमीफाइनल में स्थान बनाने से चूक गए। बेशक सेमीफाइनल में स्थान न पाने का इसलिए मलाल रहेगा कि क्योंकि बहुत इसके बहुत पहुंच कर चूक गए। हमे सेमीफाइनल में न पहुंचने की निराशा से बहुत सीखना होगा पर साथ ही ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गोल न खाना और उसे गोलरहित बराबरी पर रोकना बहुत अच्छा है। हमारी योजना पहले ऑस्ट्रेलिया को गोल करने से रोक कर फिर गोल करने की थी लेकिन हम ऐसा नहीं कर पाए। हमारी भारतीय टीम गेंद के साथ लय ही नहीं पा सकी और बराबर बेजा गलतियां की। सच तो यह हम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना सर्वश्रेष्ठ खेल नहीं नहीं खेल पाए। जब आप बहुत तकनीकी गलतियां करते हैं तो फिर लय नहीं हासिल कर पाते हैं।
हमें इस बाबत सोचना होगा जबकि ऑस्ट्रेलिया को अन्य मैचों में हम इससे बेहतर खेले थे। ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम से यह बड़ा मैच जीतने के लिए अपनी तकनीकी रूप से बेहतर खेल की जरूरत होती है। हमारी रक्षापंक्ति ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ड्रॉ रहे पूल ई के दूसरे चरण के आखिरी मैच सहित बहुत मुस्तैदी दिखाई। नीदरलैंड की खिलाड़ियों ने दिखाया कि गेंद को कैसे टर्फ पर रोका जाता है। अच्छी बात यह रही कि हमारी टीम ने ओलंपिक चैंपियन नीदरलैंड, ओलंपिक उपविजेता चीन, इंग्लैड और ऑस्ट्रेलिया जैसी दुनिया की बड़ी टीमों का महिला हॉकी विश्व कप जैसे बड़े मंच पर मुकाबला करने का जज्बा दिखाया। हमारी टीम को इन बड़ी टीमों के खिलाफ बड़े मंच अपनी बेसिक्स यानी पासिंग और रिसीविंग बेहतर करने की जरूरत है। हमें जीतने के लिए गोल की जरूरत है लेकिन हम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गोल करने के करीब नहीं पहुंच पाए। हमें पूरे मैच में एक पेनल्टी कॉर्नर मिला। ऐसी चीजें होती है लेकिन हमें इनसे सीखने की जरूरत है। दिलचस्प बात यह है कि पांच छह महीने पहले कहते कि हमारी भारतीय टीम विश्व कप में पांचवें छठे स्थान के लिए खेलेगी तो तब कोई भी शायद इस पर यकीन नहीं करता लेकिन अब इस स्थान के लिए खेंलगे। मुमकिन है कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत कर लड़कियों पर सेमीफाइनल खेलने का लड़कियों पर दबाव रहा लेकिन हम इसे बेहतर करने पर बराबर फोकस कर रहे है। अंतर्राष्ट्रीय हॉकी में कामयाबी के लिए वैयक्तिक कौशल से ज्यादा अहम कड़ी है पासिंग। हमारी टीम की खिलाड़ी जितना गेंद को एक दूसरे को पास दे लेते आगे बढ़ेगी उतना ही बेहतर होगा। हमारी लड़कियां बेशक और बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। अब हम पांचवें-छठे स्थान के लिए खेलेंगे और बेशक इसमें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे।’
पांचवां स्थान पाने की पुरजोर कोशिश करेंगे : सलीमा टेटे
भारत की कप्तान सलीमा टेटे कहा, ‘हमारी टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना बेहद करीबी मैच गोलरहित ड्रॉ खेल सेमीफाइनल में स्थान बनाने से चूक गई। हमें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिले गोल करने के मौकों को भुनाना चाहिए था। बेशक सेमीफाइनल में स्थान न बना पाने की निराशा है लेकिन मैंने टीम की साथियों से यही कहा कि हमने इस विश्व कप में जिस तरह का जीवट दिखाया उस पर गर्व है। ऑस्ट्रेलिया के सभी हमलों को टीम ने एक इकाई के रूप में खेल कर नाकाम किया ही, हमारी स्ट्राइकर नवनीत कौर, दीपिका सहरावत, ललरेमसियामी, इशिका, बलजीत कौर और मध्यपंक्ति में नेहा, निकी प्रधान और सुनीलिता टोपो के साथ मिलकर गोल के अच्छे मौके बनाए लेकिन जरूरत गोल के इन मौकों को भुनाने की है। रक्षापंक्ति में ज्योति, इशिका चौधरी व सुशीला चानू, में गोलरक्षक सविता व बिच्छू देवी खरीबम ने बहुत मुस्तैदी दिखाई। मैंने टीम की सभी साथियों से कहा कि हम सभी साथ मिलकर टीम को बेहतर बनाने के लिए पुरजोर कोशिश करेंगे। हम अब महिला हॉकी विश्व कप में पांचवें स्थान के लिए पुरजोर कोशिश करेंगे। हमें इसके बाद सितंबर में एशियाई खेलों में शिरकत करनी है और इसमें बेशक हम स्वर्ण पदक जीतने की पुरजोर कोशिश करेंगे। जहां तक चीफ कोच शुएर्ड मराइन की बात है तो वह टीम को आखिरी मिनट तक पूरी शिद्दत प्रोसेस पर यकीन कर खेलने पर जोर देते हैं। जहां तक अलग अलग हॉकी उस्तादों चाहे अब वह शुएर्ड मराइन, पहले हरेन्द्र सिंह और यॉकी शॉपमैन सभी की टीम को हॉकी खिलाने की अलग शैली थी लेकिन हरेक का मकसद टीम से बेहतर प्रदर्शन कराना रहा है।’
सेमीफाइनल में स्थान न बना पाने का मलाल : नेहा
भारत की अनुभवी सेंटर हाफ नेहा ने कहा, ‘बहुत करीब पहुंच कर महिला हॉकी विश्व कप के सेमीफाइनल में स्थान न बना पाने का मलाल है। हमें गोल करने के मिले मौकों को भुनाना चाहिए था। हमारी टीम की सभी लड़कियों ने शिद्दत से मेहनत की। हमने इस विश्व कप से बहुत कुछ सीखा और इससे हमें आगे अपना प्रदर्शन बेहतर करने में मदद मिलेगी। हमारी टीम का तालमेल अभी बढ़िया चल रहा है और हम इसे आगे भी जारी करने की कोशिश करेंगे।’


