उत्तर प्रदेश सरकार किसानों और खेतिहर मजदूरों के मेधावी बच्चों की उच्च शिक्षा में आर्थिक मदद के लिए मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना चला रही है। योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान हर महीने 5,000 रुपये की छात्रवृत्ति दी जाती है। पहले यह राशि 3,000 रुपये प्रतिमाह थी।
योजना का उद्देश्य किसान और खेतिहर मजदूर परिवारों के बच्चों को आर्थिक परेशानी के कारण पढ़ाई बीच में छोड़ने से बचाना और उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है।
कौन ले सकता है लाभ?
योजना का लाभ उन्हीं विद्यार्थियों को मिलता है जिनके माता-पिता उत्तर प्रदेश में पंजीकृत किसान या खेतिहर मजदूर हैं। परिवार का उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना जरूरी है। छात्र किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में नियमित पढ़ाई कर रहा हो और उसका शैक्षणिक प्रदर्शन अच्छा होना चाहिए।
उत्तर प्रदेश बोर्ड से 12वीं पास विद्यार्थियों के लिए कम से कम 70 प्रतिशत अंक, जबकि अन्य बोर्ड के विद्यार्थियों के लिए 85 प्रतिशत अंक निर्धारित किए गए हैं। पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थियों के ग्रेजुएशन में लगभग 70 प्रतिशत अंक होने चाहिए।
जरूरी दस्तावेज और आवेदन
आवेदन के लिए निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, किसान या खेतिहर मजदूर होने का प्रमाण, पिछली कक्षा की मार्कशीट और बैंक खाते की जानकारी जरूरी होती है।
योजना में आवेदन कॉलेज या शिक्षण संस्थान के माध्यम से किया जाता है। विद्यार्थी संबंधित संस्थान से आवेदन फॉर्म प्राप्त कर उसे भरकर जमा करते हैं। इसके बाद कॉलेज के प्रिंसिपल और नोडल अधिकारी द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है।


