मुंबई विश्वविद्यालय ने इंजीनियरिंग छात्रों को उद्योगों में व्यावहारिक अनुभव देने के उद्देश्य से अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड बी.ई. डिग्री प्रोग्राम शुरू किया है। यह कार्यक्रम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संकाय के अंतर्गत लागू किया गया है और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 तथा अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार किया गया है।
इस नई पहल के तहत चयनित अंतिम वर्ष के बी.ई. छात्र सातवें और आठवें सेमेस्टर के दौरान एक वर्ष की अप्रेंटिसशिप करेंगे। इस अवधि में उन्हें उद्योगों में कार्य करने का अवसर मिलेगा, जिससे वे वास्तविक परियोजनाओं और औद्योगिक प्रक्रियाओं में इंजीनियरिंग ज्ञान का व्यावहारिक उपयोग सीख सकेंगे।
कार्यक्रम के अंतर्गत छात्रों को कम से कम 1,260 घंटे का व्यावहारिक प्रशिक्षण पूरा करना होगा। सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने पर उन्हें बी.ई. डिग्री के हिस्से के रूप में 42 शैक्षणिक क्रेडिट प्रदान किए जाएंगे।
विश्वविद्यालय के अनुसार, इस योजना में केवल अंतिम वर्ष के 15 प्रतिशत तक छात्रों को ही प्रवेश दिया जाएगा। पात्रता के लिए पांचवें सेमेस्टर तक न्यूनतम 6.75 सीजीपीए अनिवार्य होगा। चयन पूरी तरह मेरिट के आधार पर होगा और अधिक सीजीपीए वाले छात्रों को प्राथमिकता मिलेगी।
हालांकि, ऑनर्स, माइनर तथा ऑनर्स विद रिसर्च कार्यक्रमों में अध्ययनरत छात्र इस अप्रेंटिसशिप मार्ग के लिए पात्र नहीं होंगे।
विश्वविद्यालय का मानना है कि यह कार्यक्रम छात्रों में संचार कौशल, टीमवर्क, समस्या समाधान, निर्णय क्षमता और समय प्रबंधन जैसी पेशेवर दक्षताओं का विकास करेगा तथा उन्हें रोजगार के लिए अधिक सक्षम बनाएगा।


