डॉक्टर बनने का सपना देख रहे लाखों छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर है। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने नीट यूजी काउंसलिंग 2026 का शेड्यूल जारी कर दिया है। घोषित कार्यक्रम के अनुसार, देशभर के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में MBBS, BDS सहित अन्य मेडिकल कोर्सों में दाखिले के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया 4 अगस्त 2026 से शुरू होगी। वहीं नए शैक्षणिक सत्र की पढ़ाई 8 सितंबर 2026 से शुरू की जाएगी।
काउंसलिंग में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को MCC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद उन्हें अपनी रैंक और पसंद के अनुसार मेडिकल कॉलेजों व कोर्सों की चॉइस फिलिंग करनी होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि कॉलेजों का चयन करते समय पिछले वर्षों के कट-ऑफ और अपनी ऑल इंडिया रैंक को ध्यान में रखना छात्रों के लिए फायदेमंद रहेगा।
नीट यूजी काउंसलिंग इस बार चार चरणों में आयोजित होगी। इसमें राउंड-1, राउंड-2, मॉप-अप राउंड (राउंड-3) और स्ट्रे वैकेंसी राउंड शामिल हैं। पहले चरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उम्मीदवारों की रैंक और भरे गए विकल्पों के आधार पर सीट आवंटन सूची जारी की जाएगी। जिन छात्रों को पसंदीदा कॉलेज मिल जाएगा, वे निर्धारित समय के भीतर फीस जमा कर प्रवेश ले सकेंगे। यदि कोई बेहतर विकल्प चाहता है तो उसे अपग्रेडेशन का विकल्प भी मिलेगा।
काउंसलिंग के शुरुआती चरण पूरे होने के बाद देशभर के AIIMS, केंद्रीय विश्वविद्यालयों और राज्य सरकार के मेडिकल कॉलेजों में 8 सितंबर 2026 से नए सत्र की कक्षाएं शुरू होंगी। अधिकारियों ने सभी संस्थानों को समय पर प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं ताकि शैक्षणिक कैलेंडर प्रभावित न हो।
छात्रों को सलाह दी गई है कि काउंसलिंग से पहले सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखें। इनमें NEET स्कोरकार्ड, एडमिट कार्ड, 10वीं और 12वीं की मार्कशीट, पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र तथा आरक्षण श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए संबंधित प्रमाण पत्र शामिल हैं। किसी भी दस्तावेज की कमी या गलत जानकारी मिलने पर आवंटित सीट रद्द हो सकती है।
उम्मीदवारों को केवल MCC की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करने की सलाह दी गई है। फर्जी एडमिशन, अफवाहों या अनधिकृत एजेंटों के झांसे में आने से बचें। समय पर रजिस्ट्रेशन, सही दस्तावेज और सोच-समझकर कॉलेजों का चयन ही सफल एडमिशन की कुंजी होगा।


