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एमबीबीएस प्रवेश में दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए नए नियम, 61 केंद्र करेंगे मूल्यांकन

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने एमबीबीएस प्रवेश 2026 के लिए बेंचमार्क दिव्यांगता वाले अभ्यर्थियों से संबंधित नए दिशानिर्देश लागू कर दिए हैं।

Functional Competency to Determine MBBS Eligibility for Disabled Candidates


Published: 10:00am, 29 Jul 2026

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने एमबीबीएस प्रवेश 2026 के लिए बेंचमार्क दिव्यांगता वाले अभ्यर्थियों से संबंधित नए दिशानिर्देश लागू कर दिए हैं। 27 जुलाई 2026 से प्रभावी इन नियमों का उद्देश्य मूल्यांकन प्रक्रिया को पारदर्शी, समान और योग्यता आधारित बनाना है।

नई गाइडलाइन के अनुसार किसी अभ्यर्थी को केवल उसकी दिव्यांगता के आधार पर चिकित्सा शिक्षा से वंचित नहीं किया जा सकेगा। प्रवेश पात्रता का निर्णय अभ्यर्थी की कार्यात्मक क्षमता और जरूरी सहायता मिलने पर एमबीबीएस पाठ्यक्रम पूरा करने की योग्यता के आधार पर होगा। साथ ही मरीजों की सुरक्षा और चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता का ध्यान रखा जाएगा।

PwBD आरक्षण का लाभ लेने के लिए अभ्यर्थी को वैध यूडीआईडी, स्वयं प्रमाणित शपथपत्र और मेडिकल असेसमेंट बोर्ड का पात्रता प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा। केवल यूडीआईडी कार्ड के आधार पर दाखिले का निर्णय नहीं होगा।

दिव्यांग अभ्यर्थियों के मूल्यांकन के लिए केंद्रों की संख्या 16 से बढ़ाकर 61 कर दी गई है। बोर्ड प्रत्येक उम्मीदवार का व्यक्तिगत और वैज्ञानिक आकलन करेगा। इसके बाद उसे पात्र, उचित सुविधाओं के साथ पात्र या अपात्र घोषित किया जा सकेगा। अपात्र घोषित करने पर लिखित कारण देना अनिवार्य होगा।

बोर्ड के निर्णय से असंतुष्ट अभ्यर्थी स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय द्वारा गठित अपीलीय प्राधिकरण में अपील कर सकेगा। मेडिकल कॉलेजों को दिव्यांग अनुकूल परिसर, सुलभ शिक्षण व्यवस्था, नोडल अधिकारी और प्रभावी शिकायत निवारण प्रणाली उपलब्ध करानी होगी।

Jitendra