केंद्र सरकार ने देश में तकनीकी वस्त्र शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए 59 स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। ये पाठ्यक्रम राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन के तहत सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में संचालित किए जा रहे हैं। कपड़ा राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने लोकसभा में लिखित जवाब में बताया कि तकनीकी विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों से प्राप्त 47 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इन संस्थानों में आधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित करने, उपकरण खरीदने और शिक्षकों को प्रशिक्षण देने के लिए कुल 216.60 करोड़ रुपये का अनुदान स्वीकृत किया गया है।
यह योजना देशभर के पात्र शिक्षण संस्थानों के लिए उपलब्ध है। ओडिशा के नबरंगपुर लोकसभा क्षेत्र के संस्थान भी इसके तहत आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, अभी तक इस क्षेत्र से कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है।
राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन के तहत उद्योगों की जरूरत के अनुसार युवाओं और कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने की भी व्यवस्था की गई है। इसमें स्नातक विद्यार्थियों, रोजगार से पहले अकुशल युवाओं, पहले से कार्यरत तकनीकी कर्मचारियों और तकनीकी वस्त्रों से जुड़े क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को शामिल किया गया है।
प्रशिक्षण के लिए टेक्सटाइल रिसर्च एसोसिएशन, उत्कृष्टता केंद्र, सेक्टर स्किल काउंसिल और उद्योग संगठनों को कार्यान्वयन एजेंसियों के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। ये एजेंसियां प्रशिक्षण के साथ जागरूकता अभियान भी चलाएंगी। सरकार का लक्ष्य तकनीकी वस्त्र क्षेत्र के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करना और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बढ़ाना है।


