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2008 की मंदी और कोरोना को लेकर जिन्होंने दी थी चेतावनी, उन्होंने अब एआई को लेकर चेताया

2008 के वैश्विक बैंकिंग संकट और कोरोना की भविष्यवाणी करने वाले ब्रिटेन के वरिष्ठ पत्रकार और ITV के राजनीतिक संपादक रॉबर्ट पेस्टन ने अब एआई पर बड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि AI के नाम पर हो रहा बेतहाशा निवेश अगले एक-दो वर्षों में दुनिया को बड़े वित्तीय संकट की ओर धकेल सकता है।

Rapid AI Expansion Puts Jobs and Economy at Risk


Published: 11:55am, 24 Jul 2026

दुनिया जिस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भविष्य की सबसे बड़ी ताकत मान रही है, वही आने वाले वर्षों में वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर संकट बन सकती है। 2008 के वैश्विक बैंकिंग संकट और कोरोना की भविष्यवाणी करने वाले ब्रिटेन के वरिष्ठ पत्रकार और ITV के राजनीतिक संपादक रॉबर्ट पेस्टन ने अब एआई पर बड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि AI के नाम पर हो रहा बेतहाशा निवेश अगले एक-दो वर्षों में दुनिया को बड़े वित्तीय संकट की ओर धकेल सकता है।

पेस्टन का कहना है कि AI के लिए विशाल डेटा सेंटर, बिजली संयंत्र और तकनीकी बुनियादी ढांचा खड़ा करने में अभूतपूर्व मात्रा में पैसा लगाया जा रहा है। अगर इन निवेशों से उम्मीद के मुताबिक मुनाफा नहीं मिला, तो तकनीकी कंपनियों के मूल्यांकन में भारी गिरावट आ सकती है। इसका असर शेयर बाजार, बैंकिंग व्यवस्था, निवेशकों और रोजगार पर एक साथ पड़ सकता है।

उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2007 में भी उन्होंने बैंकिंग क्षेत्र में बढ़ते खतरे को लेकर चेताया था, लेकिन उस समय उनकी बातों को डर फैलाने वाला बताया गया। बाद में 2008 का वैश्विक वित्तीय संकट सामने आया। इसी तरह 2019 के अंत में चीन में रहस्यमय वायरस की खबरों के बाद उन्होंने सरकार को इसके गंभीर परिणामों के प्रति सतर्क किया था।

अपनी नई थ्रिलर ‘द किल स्विच’ के माध्यम से पेस्टन ने AI के अनियंत्रित विकास, आर्थिक अस्थिरता और रोजगार संकट को प्रमुख मुद्दा बनाया है। उनका मानना है कि दुनिया के नेताओं को AI के प्रभाव पर तत्काल गंभीर बहस करनी चाहिए।

सवाल अब यह नहीं है कि AI दुनिया बदलेगा या नहीं। असली सवाल यह है कि यह बदलाव मानवता को समृद्ध बनाएगा या रोजगार, अर्थव्यवस्था और सामाजिक व्यवस्था को एक नए संकट में धकेल देगा।

Jitendra