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एनसीयूआई चुनाव में सहकार भारती समर्थित उम्मीदवारों की शानदार जीत

एनसीसीएफ के अध्यक्ष विशाल सिंह को 11 वोट मिले, जबकि इफको के अध्यक्ष दिलीप संघानी ने 10 वोट हासिल किए

Published: 14:50pm, 20 Jul 2026

राष्ट्रीय सहकारी संघ (एनसीयूआई) के निदेशक मंडल चुनाव की मतगणना पूरी हो गई है। मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटीज निर्वाचन क्षेत्र में सहकार भारती समर्थित नकुल कडू ने भाजपा एमएलसी संजय भेंडे को हराकर बड़ा उलटफेर किया, जबकि राज्य शहरी सहकारी बैंक (यूसीबी) एवं क्रेडिट सोसायटी फेडरेशन निर्वाचन क्षेत्र में एच.के. पाटिल ने बराबरी के बाद ड्रॉ ऑफ लॉट्स (लॉटरी) के जरिए जीत दर्ज कर चुनाव का सबसे रोमांचक मुकाबला अपने नाम किया। चुनाव में सहकार भारती समर्थित उम्मीदवारों का अधिकांश निर्वाचन क्षेत्रों में दबदबा देखने को मिला।

राष्ट्रीय महासंघ (नेशनल फेडरेशन) निर्वाचन क्षेत्र

इस निर्वाचन क्षेत्र में अपेक्षित परिणाम सामने आए। एनसीसीएफ के अध्यक्ष विशाल सिंह को 11 वोट मिले, जबकि इफको के अध्यक्ष दिलीप संघानी ने 10 वोट हासिल किए। नाफेड के निदेशक मोहनभाई कुंदरिया को 9 वोट मिले, जबकि कृभको के निदेशक बिपिन पटेल और एनडीडीबी के अध्यक्ष मीनिश शाह ने 8-8 वोट प्राप्त किए। एक मत अमान्य घोषित किया गया, जबकि तीन मतपत्रों का उपयोग नहीं हुआ।

राज्य सहकारी संघ एवं केंद्रशासित प्रदेश निर्वाचन क्षेत्र

इस सीट पर विनय कुमार शाही और जीना पोटसांगबम ने शानदार जीत दर्ज की। 18 में से 17 प्रतिनिधियों ने मतदान किया। बिहार राज्य सहकारी संघ के अध्यक्ष विनय कुमार शाही ने ओडिशा की प्रबासिनी सारंगी को 11-6 मतों से हराया। वहीं मणिपुर की जीना पोटसांगबम ने मंगलजीत राय को 15-2 से पराजित किया। मंगलजीत राय व्यावहारिक रूप से चुनावी मुकाबले में सक्रिय नहीं थे, लेकिन अपरिहार्य कारणों से अपना नामांकन वापस नहीं ले सके।

पश्चिमी एवं दक्षिणी भारत निर्वाचन क्षेत्र

पूर्व भाजपा सांसद अन्नासाहेब जोल्ले ने एकतरफा मुकाबले में जीत हासिल की। उन्हें 15 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी संजीव कुशालकर खाता भी नहीं खोल सके। उल्लेखनीय है कि 22 पात्र मतों में से केवल 15 मत ही डाले गए।

शहरी सहकारी बैंक एवं क्रेडिट सोसायटी फेडरेशन निर्वाचन क्षेत्र

इस निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव का सबसे रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। कुल आठ सदस्यीय निर्वाचन मंडल वाले इस क्षेत्र में मतदान से पहले ही कांटे की टक्कर की संभावना जताई जा रही थी। माना जा रहा था कि दोनों प्रमुख उम्मीदवारों के पास तीन-तीन पक्के वोट हैं और शेष दो वोट परिणाम तय करेंगे। मतगणना के बाद यह आकलन सही साबित हुआ और एच.के. पाटिल तथा सहकार भारती के सुनील गुप्ता को चार-चार वोट मिले।

बराबरी की स्थिति बनने पर चुनाव नियमों के अनुसार ड्रॉ ऑफ लॉट्स के जरिए विजेता का फैसला किया गया। रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा कराई गई प्रक्रिया में किस्मत कर्नाटक के वरिष्ठ सहकारी नेता एच.के. पाटिल के पक्ष में रही और उन्हें विजयी घोषित

किया गया। लंबे समय से सहकारी आंदोलन से जुड़े पाटिल को अनुभवी सहकारी नेतृत्व का प्रतिनिधि माना जाता है। चार-चार वोट की बराबरी और उसके बाद लॉटरी से हुआ फैसला इस चुनाव का सबसे चर्चित और यादगार घटनाक्रम बन गया।

मल्टी–स्टेट कोऑपरेटिव सोसायटीज निर्वाचन क्षेत्र

चुनाव का सबसे बड़ा उलटफेर इसी सीट पर हुआ। सहकार भारती समर्थित नकुल कडू ने 14 वोट हासिल कर भाजपा एमएलसी संजय भेंडे (12 वोट) को पराजित कर दिया। बताया जा रहा था कि भेंडे को महाराष्ट्र के वरिष्ठ भाजपा नेताओं का समर्थन प्राप्त था। जी.आर. रविचंद्रन और सी.बी. जिस्सोजी को एक-एक वोट मिला, जबकि अन्य उम्मीदवार अपना खाता भी नहीं खोल सके।

‘कोऑपरेटिव कुंभ’ बना एनसीयूआई मुख्यालय

नई दिल्ली स्थित एनसीयूआई मुख्यालय में मतदान और मतगणना के दौरान देशभर से आए सहकारी नेताओं और प्रतिनिधियों की भारी मौजूदगी रही। पूरे दिन परिसर में उत्साहपूर्ण माहौल बना रहा, जिसे कई प्रतिभागियों ने “कोऑपरेटिव कुंभ” की संज्ञा दी।

इस दौरान दिलीप संघानी, मोहनभाई कुंदरिया, बिपिन पटेल, उदय जोशी, ज्योतिंद्र मेहता, लक्ष्मी दास, एच.के. पाटिल, डी.एन. ठाकुर सहित अनेक वरिष्ठ सहकारी नेता मौजूद रहे।

अब सभी की नजर सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण (CEA) की औपचारिक मंजूरी पर है। रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा भेजे गए परिणामों को स्वीकृति मिलने के बाद आधिकारिक घोषणा की जाएगी। इसके बाद एनसीयूआई के नए अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी।

YuvaSahakar Desk