नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET UG 2026 री-एग्जाम के लिए कई महत्वपूर्ण बदलावों की घोषणा की है। नए नोटिस के अनुसार परीक्षा की अवधि 180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट कर दी गई है। साथ ही, अभ्यर्थियों को रफ वर्क के लिए अधिक स्थान उपलब्ध कराने हेतु उत्तर पुस्तिका में भी बदलाव किया गया है। यह निर्णय परीक्षा को अधिक सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।
NEET UG 2026 को पेपर लीक की घटनाओं के कारण रद्द कर दिया गया था। अब इसका पुनर्परीक्षण 21 जून को आयोजित किया जाएगा। परीक्षा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए NTA और सरकार ने कई सख्त कदम उठाए हैं। प्रश्नपत्र तैयार करने वाले विशेषज्ञों को परीक्षा तक विशेष निगरानी में रखा जाएगा और उन्हें 21 जून तक लॉकडाउन जैसी व्यवस्था में रहना होगा ताकि किसी भी प्रकार की जानकारी बाहर न जा सके।
परीक्षा आयोजन के लिए देश के 551 शहरों तथा विदेशों के 14 शहरों को चुना गया है। प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन के लिए भारतीय वायुसेना के विमानों का उपयोग किया जाएगा। प्रश्नपत्र निर्माण, अनुवाद, प्रिंटिंग, पैकेजिंग, स्टोरेज और वितरण की पूरी प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
डिजिटल सुरक्षा को भी मजबूत किया गया है। अधिकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग ऐप्स पर 24 घंटे नजर रख रहे हैं ताकि फर्जी प्रश्नपत्र, अफवाहों और संदिग्ध गतिविधियों को रोका जा सके।
NTA एक नई प्रणाली विकसित कर रही है, जिसमें प्रश्न तैयार करने वाले विशेषज्ञों को भी यह जानकारी नहीं होगी कि वे किस परीक्षा के लिए प्रश्न बना रहे हैं। विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ केवल प्रश्न तैयार करेंगे, जिन्हें एक बड़े डिजिटल प्रश्न बैंक में संग्रहीत किया जाएगा। बाद में तकनीकी सहायता से इन्हीं प्रश्नों के आधार पर अंतिम प्रश्न-पत्र तैयार किया जाएगा।
NEET भारत की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षा है। इसके माध्यम से MBBS, BDS, AYUSH और नर्सिंग सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश मिलता है। AIIMS और JIPMER जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में भी प्रवेश इसी परीक्षा के आधार पर होता है। वर्तमान में NEET के माध्यम से देशभर में एक लाख से अधिक मेडिकल सीटों पर प्रवेश दिया जाता है।


