बिहार स्टेट मिल्क कोऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड (COMFED) का प्रमुख डेयरी ब्रांड ‘सुधा’ अब वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत पहचान स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। बढ़ती अंतरराष्ट्रीय मांग और भारत की निर्यात क्षमता को ध्यान में रखते हुए ‘सुधा’ ने अपनी विस्तार रणनीति को नए स्तर पर ले जाने का निर्णय लिया है।
हाल ही में सिंगापुर एक्सपो में आयोजित इंडसफूड एशिया 2026 के दौरान बिहार की डेयरी क्षमता को वैश्विक खरीदारों और उद्योग प्रतिनिधियों के सामने प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया गया। इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर राज्य का प्रतिनिधित्व बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव एवं COMFED चेयरमैन शिरसाट कपिल अशोक (आईएएस) तथा COMFED के प्रबंध निदेशक समीर सौरभ (आईएएस) ने किया। अधिकारियों की उपस्थिति ने यह स्पष्ट संकेत दिया कि राज्य सरकार ‘सुधा’ को एक विश्वसनीय वैश्विक ब्रांड के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
COMFED द्वारा उठाया गया यह कदम एक व्यापक निर्यात योजना का हिस्सा है। इसके तहत ‘सुधा’ खाड़ी देशों और दक्षिण-पूर्व एशिया के बाजारों को प्राथमिकता दे रहा है। इन क्षेत्रों में डेयरी उत्पादों की उच्च मांग और भारतीय समुदाय की मजबूत उपस्थिति को देखते हुए इन्हें विस्तार के लिए उपयुक्त माना गया है।
पिछले एक वर्ष में ‘सुधा’ ने अमेरिका और कनाडा जैसे देशों में घी और पारंपरिक भारतीय मिठाइयों का पायलट निर्यात किया है। इन शुरुआती प्रयासों के माध्यम से कंपनी को लॉजिस्टिक्स, गुणवत्ता मानकों, नियामकीय अनुपालन और उपभोक्ता पसंद के संबंध में महत्वपूर्ण अनुभव प्राप्त हुआ है। यह अनुभव भविष्य में बड़े पैमाने पर निर्यात को बढ़ाने में सहायक होगा।
COMFED का विस्तृत डेयरी नेटवर्क, जिसमें हजारों दुग्ध समितियां और लाखों किसान जुड़े हैं, इस वैश्विक पहल को बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बनाता है। निर्यात में वृद्धि से किसानों की आय में बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण को बल मिलेगा।
इंडसफूड एशिया 2026 के दौरान बिहार के प्रतिनिधिमंडल ने दक्षिण-पूर्व एशिया के कई खरीदारों और वितरकों के साथ बैठकें कीं। इन बैठकों में दीर्घकालिक व्यापार साझेदारी विकसित करने और वितरण नेटवर्क को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। इसका उद्देश्य सीमित निर्यात से आगे बढ़कर स्थायी और मजबूत अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति स्थापित करना है।
COMFED के चेयरमैन शिरसाट कपिल अशोक ने कहा कि ‘सुधा’ बिहार के सहकारी आंदोलन की ताकत और डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि संस्था का लक्ष्य दीर्घकालिक वैश्विक साझेदारियां विकसित करना है, जिससे इसका सीधा लाभ किसानों तक पहुंच सके।
‘सुधा’ का सहकारी मॉडल इसकी सबसे बड़ी विशेषता है, जिसमें मुनाफा सीधे किसानों तक पहुंचता है। वैश्विक बाजार में टिकाऊ और नैतिक उत्पादों की बढ़ती मांग के बीच यह मॉडल ‘सुधा’ को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्रदान कर सकता है।
निर्यात लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए COMFED गुणवत्ता मानकों के सख्त अनुपालन, आधुनिक पैकेजिंग, मजबूत कोल्ड चेन और कुशल लॉजिस्टिक्स पर विशेष ध्यान दे रहा है। अधिकारियों का मानना है कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल हैं, क्योंकि डेयरी उत्पादों की मांग बढ़ रही है और सप्लाई चेन में बदलाव हो रहे हैं, जिससे भारत जैसे देशों के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
COMFED के प्रबंध निदेशक समीर सौरभ ने कहा कि ‘सुधा’ की अंतरराष्ट्रीय सफलता बिहार को एक प्रमुख निर्यातक राज्य के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।


