National Dairy Development Board के तहत कार्यरत Mother Dairy Fruit & Vegetable Pvt. Ltd. ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए 20,000 करोड़ रुपये से अधिक का टर्नओवर दर्ज किया है। कंपनी ने पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 17 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। यह उपलब्धि देश के डेयरी एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में कंपनी की मजबूत स्थिति को दर्शाती है।
कंपनी के प्रबंध निदेशक Jayen Mehta (नोट: सार्वजनिक रूप से पहचान योग्य नेतृत्व संदर्भ; यदि नाम परिवर्तन हुआ हो तो कंपनी के वर्तमान एमडी पदनामानुसार) ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में कंपनी का कारोबार दोगुना हुआ है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में कंपनी का कारोबार लगभग 10,000 करोड़ रुपये था, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 20,000 करोड़ रुपये के स्तर को पार कर गया है।
लगातार दूसरे वर्ष मजबूत वृद्धि
कंपनी ने लगातार दूसरे वर्ष 15 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्ज की है। प्रबंधन के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026 लाभप्रदता के लिहाज से भी सकारात्मक रहा है। कंपनी ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 24,000 करोड़ रुपये के कारोबार का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके साथ ही आने वाले वर्षों में औसतन 20 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि बनाए रखने की रणनीति तैयार की गई है।
डेयरी उत्पादों का सबसे बड़ा योगदान
कंपनी की कुल आय में डेयरी उत्पादों का सबसे बड़ा योगदान रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में डेयरी खंड से 15,000 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार प्राप्त हुआ। वहीं Dhara ब्रांड के तहत खाद्य तेल कारोबार 4,000 करोड़ रुपये से अधिक रहा।
दूध बिक्री की मात्रा (वॉल्यूम) में भी 11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो उपभोक्ताओं के बीच कंपनी के उत्पादों की मजबूत मांग को दर्शाता है।
दूध के दाम स्थिर, उपभोक्ताओं को राहत
कच्चे माल की बढ़ती लागत के बावजूद कंपनी ने आम उपभोक्ताओं को राहत प्रदान की है। प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि दूध की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं की गई है और लागत वृद्धि का अतिरिक्त भार कंपनी स्वयं वहन कर रही है।
हालांकि खाद्य तेल तथा प्रीमियम आइसक्रीम श्रेणी में सीमित एवं सावधानीपूर्वक मूल्य संशोधन किया गया है। इससे आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।
2,000 करोड़ रुपये का निवेश
कंपनी ने भविष्य की विस्तार योजनाओं के तहत 2,000 करोड़ रुपये के निवेश कार्यक्रम को आगे बढ़ाया है। इस निवेश को बोर्ड स्तर पर स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है।
इस राशि का उपयोग Nagpur, Gujarat तथा Punjab सहित विभिन्न क्षेत्रों में नई उत्पादन इकाइयों की स्थापना हेतु किया जाएगा।
विशेष रूप से मध्य और दक्षिण भारत के बाजारों में उपस्थिति मजबूत करने के लिए नागपुर में 600 करोड़ रुपये की लागत से एक मेगा डेयरी प्लांट स्थापित किया जा रहा है।
30 नए उत्पाद होंगे लॉन्च
Safal, मदर डेयरी और धारा जैसे प्रमुख ब्रांड संचालित करने वाली कंपनी वर्तमान में 16 राज्यों में सक्रिय है। कंपनी से देशभर में लगभग 4 लाख रिटेल आउटलेट जुड़े हुए हैं।
Delhi NCR क्षेत्र में कंपनी के 800 से अधिक दूध बूथ और लगभग 350 सफल फल एवं सब्जी बूथ संचालित हैं। अब कंपनी ने अपने वितरण नेटवर्क को बढ़ाकर 5 लाख दुकानों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
उपभोक्ताओं की बदलती मांग को ध्यान में रखते हुए कंपनी अपने तीनों प्रमुख ब्रांड्स के तहत 30 नए उत्पाद बाजार में उतारने जा रही है। इनमें आइसक्रीम, फ्रोजन फूड और रेडी-टू-ईट उत्पाद प्रमुख रहेंगे। कंपनी को आइसक्रीम बिक्री में 40 प्रतिशत तक वृद्धि की उम्मीद है।
किसानों के साथ साझेदारी होगी मजबूत
कंपनी ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर के बाहर से वर्तमान में कुल आय का 37 प्रतिशत प्राप्त होता है, जिसे बढ़ाकर 42 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए नए क्षेत्रों में किसानों तथा किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) के साथ प्रत्यक्ष साझेदारी को और मजबूत किया जाएगा।


