उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए सरकारी क्षेत्र में रोजगार का एक बड़ा अवसर सामने आया है। प्रदेश के सहकारिता विभाग की विभिन्न संस्थाओं में लंबे समय से रिक्त चल रहे पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू कर दी गई है। सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर ने विभाग को अगले छह महीनों के भीतर लगभग 20,000 पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के कड़े निर्देश दिए हैं। इस निर्णय से न केवल राज्य के बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि सहकारी संस्थाओं की कार्यप्रणाली में भी अभूतपूर्व सुधार आने की उम्मीद है।
संस्थागत सेवा मंडल ने शुरू किया विशेष चयन
उत्तर प्रदेश सहकारी संस्थागत सेवा मंडल ने भर्ती अभियान के पहले चरण में जिला सहकारी बैंकों में प्रबंधक, कनिष्ठ प्रबंधक, सहायक असिस्टेंट और सहायक के पदों पर आवेदन मांगे हैं। इसके अतिरिक्त, उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड (UPRNSS) में सहायक अभियंता (सिविल) के पदों पर भी भर्ती निकाली गई है। वर्तमान में कुल 116 पदों पर विशेष चयन के माध्यम से अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक अभ्यर्थी 15 अप्रैल तक अपनी पात्रता सुनिश्चित करते हुए आवेदन जमा कर सकते हैं।
शीर्ष संस्थाओं में 2500 से अधिक पद
सहकारिता विभाग की शीर्ष संस्थाओं जैसे उत्तर प्रदेश स्टेट कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड (UPSCB), उ.प्र. सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड (UPSGVB), उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड (UPPCF), और उ.प्र. उपभोक्ता सहकारी संघ सहित 50 जिला सहकारी बैंकों में लगभग 2500 से अधिक पदों पर भर्ती के लिए विस्तृत विज्ञापन जल्द ही जारी किया जाएगा। सेवा मंडल के अध्यक्ष के अनुसार, इसकी तैयारी पूरी कर ली गई है और जल्द ही पोर्टल के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी।
M-PACS में बड़े पैमाने पर नियुक्तियां
इस भर्ती अभियान का सबसे बड़ा हिस्सा बहुद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (एम-पैक्स) से जुड़ा है। एम-पैक्स में सचिव के लगभग 5000 पद और लेखाकार के 3000 पदों पर नियमित भर्तियां की जानी हैं। इसके अलावा, तकनीकी सुदृढ़ीकरण के लिए 5000 से अधिक कंप्यूटर सहायकों की नियुक्ति आउटसोर्सिंग के माध्यम से की जाएगी। साथ ही, ग्रामीण स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु चौकीदारों की भर्ती का भी प्रावधान किया गया है।
चयन प्रक्रिया और पारदर्शिता
मंत्री जेपीएस राठौर ने स्पष्ट किया है कि पूरी भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया जाएगा। बैंकिंग क्षेत्र की संस्थाओं में भर्ती का जिम्मा ‘इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सिलेक्शन’ (IBPS) को सौंपा गया है, जो अपनी सुचितापूर्ण परीक्षा प्रणाली के लिए विख्यात है। वहीं, एम-पैक्स की नियुक्तियों के लिए जिला स्तर पर चयन समितियों का गठन किया जाएगा। विभाग का लक्ष्य है कि इन नियुक्तियों के माध्यम से सरकारी सहकारी संस्थाएं जनता को अधिक प्रभावी और त्वरित सेवाएं प्रदान कर सकें।


