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1 अप्रैल से शुरू होगी 16वीं जनगणना, 33 सवाल होंगे शामिल

इस बार जारी FAQ सूची में एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहलू को भी शामिल किया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई जोड़ा लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा है और वे अपने संबंध को स्थिर संबंध के रूप में स्वीकार करते हैं, तो जनगणना के दौरान उन्हें विवाहित जोड़े के रूप में दर्ज किया जाएगा।

Published: 16:19pm, 30 Mar 2026

केंद्र सरकार ने आगामी राष्ट्रीय जनगणना को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रस्तावित Census 2027 के पहले चरण की शुरुआत 1 अप्रैल 2026 से की जाएगी। यह देश की 16वीं जनगणना होगी, जबकि स्वतंत्रता के बाद यह आठवीं जनगणना होगी।

गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार इस बार जनगणना को पूरी तरह डिजिटल प्रणाली के जरिए संचालित किया जाएगा। इसमें नागरिकों के रहन-सहन, घर की संरचना, बुनियादी सुविधाओं, संपत्ति और पारिवारिक स्थिति से जुड़ी विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी।

सरकार ने जनगणना के पहले चरण यानी मकान सूचीकरण एवं आवास गणना के लिए 33 सवालों की सूची जारी की है। इन सवालों के आधार पर देशभर के घरों और परिवारों से संबंधित सामाजिक-आर्थिक आंकड़े जुटाए जाएंगे।

सरकार ने इस बार नागरिकों को स्व-गणना (Self Enumeration) का विकल्प भी दिया है, जिसके तहत लोग ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकेंगे।

लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर भी स्पष्ट व्यवस्था

सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहलू को भी शामिल किया गया है। यदि कोई जोड़ा लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा है और वे अपने संबंध को स्थिर संबंध मानते हैं, तो जनगणना के दौरान उन्हें विवाहित जोड़े के रूप में दर्ज किया जाएगा।

जनगणना के आधिकारिक प्रश्नों में इस तरह के सामाजिक ढांचे को शामिल किया जाना एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।

दो चरणों में पूरी होगी जनगणना

सरकार के अनुसार जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी। पहले चरण में मकान सूचीकरण और आवास से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी, जबकि दूसरे चरण में जनसंख्या से जुड़े आंकड़े एकत्र किए जाएंगे।

पूरी प्रक्रिया केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय की निगरानी में संपन्न होगी और राज्य सरकारों की प्रशासनिक मशीनरी इसे जमीनी स्तर पर लागू करेगी।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान एकत्र किए गए सभी आंकड़े पूरी तरह गोपनीय रहेंगे और इन्हें सूचना का अधिकार (RTI) के तहत भी सार्वजनिक नहीं किया जाएगा।

जनगणना में पूछे जाएंगे ये 33 सवाल

मकान सूचीकरण और आवास जनगणना के दौरान नागरिकों से निम्नलिखित 33 प्रमुख सवाल पूछे जाएंगे

  1. लाइन नंबर
  2. बिल्डिंग नंबर
  3. जनगणना मकान नंबर
  4. मकान के फर्श की मुख्य सामग्री
  5. मकान की दीवार की मुख्य सामग्री
  6. मकान की छत की मुख्य सामग्री
  7. मकान का उपयोग (रहने, दुकान या अन्य)
  8. मकान की स्थिति (अच्छी, सामान्य या खराब)
  9. परिवार संख्या
  10. परिवार में सामान्य रूप से रहने वाले लोगों की कुल संख्या
  11. परिवार के मुखिया का नाम
  12. परिवार के मुखिया का लिंग
  13. क्या परिवार का मुखिया अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) या अन्य वर्ग से संबंधित है
  14. मकान का स्वामित्व (अपना, किराया या अन्य)
  15. परिवार के कब्जे में रहने वाले कमरों की संख्या
  16. परिवार में विवाहित जोड़ों की संख्या
  17. पीने के पानी का मुख्य स्रोत
  18. पीने के पानी की उपलब्धता
  19. रोशनी का मुख्य स्रोत
  20. शौचालय की सुविधा की उपलब्धता
  21. शौचालय का प्रकार
  22. गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था
  23. स्नानघर की सुविधा
  24. रसोई की उपलब्धता
  25. एलपीजी या पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता
  26. खाना बनाने में उपयोग होने वाला मुख्य ईंधन
  27. परिवार के पास रेडियो या ट्रांजिस्टर की उपलब्धता
  28. परिवार के पास टेलीविजन की उपलब्धता
  29. इंटरनेट की सुविधा
  30. लैपटॉप या कंप्यूटर की उपलब्धता
  31. टेलीफोन, मोबाइल या स्मार्टफोन की उपलब्धता
  32. परिवार के पास साइकिल, स्कूटर, मोटरसाइकिल या मोपेड की उपलब्धता
  33. परिवार के पास कार, जीप या वैन की उपलब्धता
  34. परिवार में मुख्य रूप से खाया जाने वाला अनाज
  35. मोबाइल नंबर

इन सवालों के आधार पर देश में आवास की स्थिति, बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता, परिवारों की आर्थिक स्थिति और सामाजिक ढांचे का व्यापक आंकलन किया जाएगा।

सरकार का मानना है कि इन आंकड़ों के आधार पर भविष्य की विकास योजनाओं, सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए सटीक नीति निर्माण में सहायता मिलेगी।

YuvaSahakar Desk