मंगलवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा पेश किए गए दिल्ली बजट 2026–27 में सहकारी क्षेत्र और किसानों के लिए अहम घोषणाएं की गई हैं। सरकार ने सहकारी क्षेत्र के लिए बजट बढ़ाकर 263.60 करोड़ रुपये कर दिया है, जो पिछले वर्ष 2025–26 के 205.80 करोड़ रुपये से काफी अधिक है।
इस बढ़े हुए आवंटन का उद्देश्य सहकारी संस्थाओं को मजबूत करना है। इसमें विशेष रूप से क्रेडिट और बहुउद्देशीय सहकारी समितियों को संचालन और प्रशासनिक सहायता दी जाएगी, जिससे जमीनी स्तर पर वित्तीय समावेशन और सेवाओं की पहुंच को बेहतर बनाया जा सके।
इसके साथ ही सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए पीएम किसान सम्मान निधि राज्य टॉप-अप योजना के तहत 4.85 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस योजना के तहत किसानों को केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से मिलने वाले 6,000 रुपये के अतिरिक्त सालाना 3,000 रुपये दिए जाएंगे। यह राशि तीन किस्तों में 1,000-1,000 रुपये के रूप में प्रदान की जाएगी।
सरकार की यह पहल दोहरी रणनीति को दर्शाती है एक तरफ सहकारी संस्थाओं को मजबूत करना और दूसरी तरफ किसानों की आय में सीधे वृद्धि करना। इससे ग्रामीण और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।


