Trending News

 भारत में बेरोजगारी दर में गिरावट, फरवरी में घटकर 4.9% पर आई बेरोजगारी दर, महिला श्रम बल भागीदारी बढ़कर 40% पहुंची, NSO ने जारी किए आंकड़े         राज्यसभा चुनाव: 11 में से 9 सीटें जीती NDA, कांग्रेस और BJD को 1-1 सीट, बिहार की सभी 5 सीटें जीती NDA          बिहार में बीज गुणवत्ता सुधार के लिए BRBN और BBSSL के बीच MoU         हिमाचल में डेयरी सेक्टर को बड़ी मजबूती, NDDB और HP मिल्क फेडरेशन के बीच हुआ एमओयू         मध्य प्रदेश में पैक्स से जोड़े जाएंगे 10 लाख किसान, अप्रैल माह से शुरू होगा सदस्यता अभियान, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने दी जानकारी       

आत्मनिर्भर कृषि पहल के तहत NAFED और NCCF ने खरीदी करीब 18 लाख मीट्रिक टन फसल

रिपोर्ट के अनुसार NAFED ने 14,68,298 मीट्रिक टन फसलें—जैसे तूर, उड़द, मसूर और मक्का कई राज्यों से खरीदीं

Published: 14:55pm, 17 Mar 2026

सरकार समर्थित सहकारी संस्थाओं NAFED (नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया) और NCCF (नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया) ने आत्मनिर्भर कृषि पहल के तहत मिलकर करीब 18 लाख मीट्रिक टन कृषि उपज की खरीद की है। यह जानकारी संसदीय स्थायी समिति की रिपोर्ट में सामने आई है।

रिपोर्ट के अनुसार NAFED ने 14,68,298 मीट्रिक टन फसलें—जैसे तूर, उड़द, मसूर और मक्का कई राज्यों से खरीदीं। यह खरीद 6,643 PACS और FPOs के माध्यम से की गई, जो ई-समृद्धि पोर्टल पर पंजीकृत हैं। इससे करीब 3,97,473 किसानों को लाभ मिला।

वहीं NCCF ने 3,31,992 मीट्रिक टन कृषि उत्पाद की खरीद की, जो 53,105 PACS और FPOs के नेटवर्क के जरिए की गई। इस प्रक्रिया से 1,60,718 किसानों को फायदा पहुंचा।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि NCCF की खरीद प्रणाली के तहत 43.23 लाख से अधिक किसान पंजीकृत हैं, हालांकि इनमें से कई किसान एक से अधिक फसलों के लिए पंजीकृत होने के कारण यूनिक किसानों की संख्या लगभग 25.04 लाख है।

कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों ने इस खरीद प्रक्रिया में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

समिति ने अपने अवलोकन में कहा कि PACS और FPOs के माध्यम से की गई खरीद से कृषि विपणन में सहकारी संस्थाओं की भागीदारी बढ़ी है। यह व्यवस्था किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और आत्मनिर्भर कृषि के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

YuvaSahakar Desk