सरकार समर्थित सहकारी संस्थाओं NAFED (नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया) और NCCF (नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया) ने आत्मनिर्भर कृषि पहल के तहत मिलकर करीब 18 लाख मीट्रिक टन कृषि उपज की खरीद की है। यह जानकारी संसदीय स्थायी समिति की रिपोर्ट में सामने आई है।
रिपोर्ट के अनुसार NAFED ने 14,68,298 मीट्रिक टन फसलें—जैसे तूर, उड़द, मसूर और मक्का कई राज्यों से खरीदीं। यह खरीद 6,643 PACS और FPOs के माध्यम से की गई, जो ई-समृद्धि पोर्टल पर पंजीकृत हैं। इससे करीब 3,97,473 किसानों को लाभ मिला।
वहीं NCCF ने 3,31,992 मीट्रिक टन कृषि उत्पाद की खरीद की, जो 53,105 PACS और FPOs के नेटवर्क के जरिए की गई। इस प्रक्रिया से 1,60,718 किसानों को फायदा पहुंचा।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि NCCF की खरीद प्रणाली के तहत 43.23 लाख से अधिक किसान पंजीकृत हैं, हालांकि इनमें से कई किसान एक से अधिक फसलों के लिए पंजीकृत होने के कारण यूनिक किसानों की संख्या लगभग 25.04 लाख है।
कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों ने इस खरीद प्रक्रिया में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
समिति ने अपने अवलोकन में कहा कि PACS और FPOs के माध्यम से की गई खरीद से कृषि विपणन में सहकारी संस्थाओं की भागीदारी बढ़ी है। यह व्यवस्था किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और आत्मनिर्भर कृषि के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।


