राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित आईसीएआर कन्वेंशन सेंटर में ग्लोबल कॉन्फ्रेंस ऑन वीमेन इन एग्री-फूड सिस्टम्स (GCWAS–2026) का उद्घाटन किया। तीन दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में 18 देशों से आए 700 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए हैं, जिनमें वैज्ञानिक, नीति निर्माता, उद्यमी और महिला किसान शामिल हैं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। उन्होंने बताया कि संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण तथा कई राज्यों में स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।
शिवराज सिंह चौहान ने दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत हुई प्रगति का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस योजना के माध्यम से 90 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों के जरिए 10 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को संगठित किया गया है। इनमें से लगभग तीन करोड़ महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं, जो सालाना एक लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर रही हैं। सरकार आने वाले वर्षों में छह करोड़ महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा कि कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने और सतत विकास सुनिश्चित करने के लिए महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र द्वारा 2026 को ‘अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष’ घोषित किए जाने का भी स्वागत किया।
सम्मेलन के दौरान तकनीकी सत्र, नीति संवाद और विभिन्न मंचों के माध्यम से लैंगिक समानता, तकनीकी पहुंच और समावेशी कृषि-खाद्य प्रणालियों पर चर्चा की जाएगी। साथ ही प्रदर्शनी में महिलाओं द्वारा संचालित कृषि नवाचारों और उद्यमों को भी प्रदर्शित किया जाएगा।


